पशुवध और अवैध परिवहन के आरोपी को दस माह का सश्रम करावास

मेवाड़ किरण@नीमच -

नीमच। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी एमए देहलवी की कार्ट ने पशुवध और अवैध परिवहन के आरोपी युवक को दोषी करार देकर 10 माह के सश्रम कारावास एवं ८ हजार १५० रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।

अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी रितेश कुमार सोमपुरा द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 21 जून 2014 को फरियादी पशु कल्याण अधिकारी प्रवीण मित्तल को मुखबिरर द्वारा सूचना प्राप्त हुई की जावद फं टा, महु नीमच हाईवे रोड़ पर एक ट्रक जिसमें वध किये जाने हेतु भैसों को जावरा से नसीराबाद राजस्थान की ओर से लाया जा रहा हैं। सूचना की तस्दीक हेतु फरियादी, पुलिस फोर्स नीमच केंट के साथ जावद फंटा पर पहुची जहॉ पर उन्हे मुखबिर सूचना के बताये अनुसार एक आईसर क्रमांक एमपी 43 जी 18 71 आता हुआ दिखा। जिसको रोककर उसकी तलाशी लिये जाने पर उसमें 16 भैसों को बिना चारा-पानी के ठूस-ठूस कर क्रुरतापूर्वक भरा हुआ था। आईसर में ड्रायवर के पास इन 16 भैसों के परिवहन के संबंध में कोई कागजात नही थे तथा सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह भैसों को वध हेतु ले रहे हैं। पुलिस नीमच केंट द्वारा ट्रक व भैसों को जप्त कर आरोपी के विरूद्ध रिपोर्ट अपराध क्रमांक 234/14, धारा 8 /177, 6 6 /92, 56 ध्/92 मोटरयान अधिनियमए धारा 4(1), 6 , 7, 10, 11 मप्र कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 1959 तथा धारा 11डीए 38 (3) पशुक्रूरता निवारण 196 0 के अंतर्गत पंजीबद्ध कर शेष विवेचना पूर्ण कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

यह हुई सजा
एडीपीओ आकाश यादव द्वारा अभियोजन पक्ष की ओर से फरियादी जप्तीकर्ता पुलिस अधिकारी के अलावा मौके के पंचान साक्षी सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान न्यायालय में कराकर आरोपी के विरूद्ध अपराध प्रमाणित कराकर दण्ड के प्रश्न पर तर्क दिया कि आरोपी द्वारा निर्दयतापूर्वक पशुओं का वध करने के उद्देश्य से उनको ले जाया जा रहा था। इसलिए आरोपी को कठोर कारावास से दण्डित किया जाये। न्यायालय द्वारा आरोपी बाबू पिता इब्राहिमए उम्र 30 वर्ष निवासी जेल रोड़, जावरा जिला रतलाम को धारा 4(1), 6 , 7, 10, 11 मप्र कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियमए 1959 में क्रमश: 6 माह व 3 माह का सश्रम कारावास व 1,500 रुपए जुर्माना, धारा 38 (3), 11डी पशुक्रूरता निवारण 196 0 में क्रमश: 1 माह का सश्रम कारावास व 150० रुपए जुर्माना तथा धारा 8 /177ए 6 6 /192, 56 /92 मोटरयान अधिनियम में कुल 6 ,500 रुपए से दण्डित किया। इस प्रकार आरोपी को कुल 10 माह के सश्रम कारावास एवं 8 ,150 रुपए जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की ओर से आकाश यादवए एडीपीओ द्वारा पैरवी की गई।