पंचमकाल में जो इंसान साधु बने वो महान है

मेवाड़ किरण @ नीमच -

श्री भीड़ भंजन पार्ष्वनाथ जैन ष्वेताम्बर मंदिर ट्रस्ट नीमच के तत्वाधान में षांतिलाल गांधी जाटवाले, द्वारा चेत्रमास की सामुहिक ओली आराधना महोत्सव की श्रृंखला में आज सुबह 9 बजे साधुपद की आराधना, मुनिवर परम दयाल, आचार्य निपुणरत्नजी महाराज, मुनि राजरत्न विजय, मुनि निर्मोह सुन्दर म.सा. के सानिध्य में दोपहर 2 बजे जैन भवन में वेदनीय कर्म निवारण पूजा विभिन्न धार्मिक अनुश्ठान के साथ आयोजित की गई। जिसके लाभार्थी पारसमल-कांतादेवी नागोरी सिंगोली परिवार थे। भीड़ भंजन पार्ष्वनाथ मंदिर परिसर आराधना भवन में आयम्बिल ओली के पॉंचवे दिन साधु पद की आराधना हुई जिसमें ऊॅं ही नमो लोए सव्वसाहूणं मंत्र से आराधना भवन गुंज उठा। पंचमकाल में जो इंसान, साधु बने वो महान है... जैन रोम-रोम थी त्याक अने संयमनी विलसे धारा, आ छे अणगार अमारा....आदि रचनाओं को सुनते-सुनते भक्तों की ऑंखों से एकाएक ऑंसू छलक उठे। दोपहर में जेन भवन में वेदनीय कर्म निवारण पूजा का आयोजन हुआ। आचार्य श्री निपुणरत्नसूरीजी महाराज ने पूजा की व्याख्या की। प्रभु की अश्टप्रकारी पूजा के साथ आरती, मंगल दीपक व षांतिकलष का भक्तों ने लाभ लिया। षाम को भव्य भक्ति संध्या का आयोजन हुआ। जिनके सर पर पार्ष्वप्रभु का हाथ है....तेरे जैसा और कहां...... छाएं काली घटाएं तो क्या.... हम जैन कुल में जन्मे, अभिमान करो रे... आदि रचनाओं पर भक्त खूब झुमे। पूजा के धर्म लाभार्थी पारसमल-कांतादेवी नागोरी सिंगोली परिवार थे। कार्यक्रम में मंगल दीपक व आरती की गई। श्री महावीर जन्म कल्याणक पर एक षाम महावीर के नाम भक्ति संध्या बुधवार 17 अप्रेल को श्री भीड़ भंजन पार्ष्वनाथ प्रांगण में होगी।

Source : Apna Neemuch