नीमच जिला संयुक्त परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न

मेवाड़ किरण @ नीमच -

मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ जिला शाखा-नीमच के अध्यक्ष कन्हैयालाल लक्षकार व सचिव विनोद राठौर ने कलेक्टर सभागार में अपर कलेक्टर विनयकुमार धोका की अध्यक्षता में सम्पन्न जिला स्तरीय संयुक्त परामर्शदात्री समिति की बैठक में आज कर्मचारियों के ज्वलंत मुद्दे रखे। इनमें आगामी लोकसभा निर्वाचन में सामग्री वापसी (जमा) करवाते वक्त ससम्मान टेबल व्यवस्था की जावे। विधानसभा चुनाव के वक्त अफरा-तफरी व परेशानी का सामना करना पड़ा था जिसमें महिलाओं को खासी परेशानी हुई थी। अनुकंपा नियुक्ति के लंबित प्रकरण प्रथमिकता से निपटाये जाए। सभी कर्मचारियों को आयकर गणनापत्र के लिए प्रमाणित वार्षिक वेतन पर्ची निशुल्क उपलब्ध कराए। सभी कर्मचारियों को माह की पहली तारीख को वेतन भुगतान सुनिश्चित हो, स्वास्थ्य विभाग की तीन महिला कर्मचारियों को अप्रैल 2018 से वेतन भुगतान नहीं हुआ। छठे व सातवें वेतनमान के एरियर की द्वितीय किश्त मई 2019 के प्रथम सप्ताह में भुगतान सुनिश्चित हो इसकी प्रारंभिक तैयारी रखी जाए। शिक्षकों, अध्यापकों के लंबित अर्जित अवकाश पात्रता घोषित की जाए। सेवा पुस्तिका, जीपीएफ व एनपीएस कटौती की प्रमाणित द्वितीय प्रति दी जाए। पेंशनरों की पेंशन तिथियां गलत होने से सातवें वेतनमान का लाभ नहीं मिल पा रहा है, संशोधन करवाया जाए। नियुक्ति दिनांक से नियमित व तृतीय क्रमोन्न्नत वेतनमान सेवानिवृत्त व दिवंगत शिक्षकों के भी जारी करवाये जावे। जारी आदेशों का एरियर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। अध्यापक संवर्ग को पात्रतानुसार क्रमोन्नति वेतनमान दिया जावे। अध्यापक संवर्ग को राज्य शिक्षा सेवा के प्रमाणित आदेश व्यक्तिगत रूप से उपलब्ध करवाये जावे। अध्यापक संवर्ग के छठे वेतनमान के वेतन निर्धारण लेखा अधिकारी से पारित कर सेवापुस्तिका अद्यतन की जाए। वेतन निर्धारण के समय सेवाकाल को छः माह या अधिक को पूर्ण वर्ष मानकर नियमानुसार वेतनवृध्दि दी जाए, इसके अभाव में अध्यापकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। वार्षिक वेतनवृध्दि की गणना में मूल वेतन व ग्रेड पे का 3% दिया जाना चाहिए लेकिन अध्यापक को इससे वंचित रखा जा रहा है, जो त्रुटिपूर्ण है। विशेष वेतनवृध्दि ग्रीन कार्ड धारक कर्मचारी अध्यापकों के वेतन निर्धारण के समय विलोपित की गई इसका पृथक लाभ दिया जाए। जिला शिक्षा अधिकारी नीमच द्वारा निरीक्षण के दौरान कई शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोका गया। इससे शिक्षक, अध्यापक हतोत्साहित हो रहे है। शिक्षकों एवं अध्यापकों की निष्ठा लगन व मेहनत के कारण गतवर्ष बोर्ड परीक्षा परिणाम श्रेष्ठता पुरस्कार नीमच जिले को मिला था व जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यमंत्री जी के हाथों सम्मानित हुए थे। यह परंपरा कायम रहे। अतः वेतन रोकने का आदेश चेतावनी में बदला जाए।

Source : Apna Neemuch