निरीक्षण में खुली सरकारी स्कूल की पोल, बच्चों को बांट रहे पानी मिला दूध, मिड डे मिल में भी मिली गड़बडिय़ां

बड़ोदिया/बांसवाड़ा. जिले के बड़ोदिया गांव के करीब जलदा गांव के सरकारी उच्च प्राथमिक स्कूल के अचानक मुआयने पर मुख्य ब्लॉक शिक्षाधिकारी रामलाल खराड़ी ने पानी मिला दूध बच्चों को देने का मामला सामने आया। यहां मिड डे मिल में अन्य गड़बडिय़ां भी दिखलाई देने पर खराड़ी ने संस्थाप्रधान व प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। निरीक्षण के दौरान पतला दूध दिए जाते देखकर मुख्य ब्लॉक शिक्षाधिकारी ने लेक्टोमीटर से जांच कर पुष्टि की, तो वाकई इसमें पानी की मात्रा ज्यादा पाई गई।

अन्नपूर्णा दुग्ध योजना : सरकारी स्कूलों में दूध की यही कहानी, कहीं कम दूध का वितरण तो कहीं दूध में ज्यादा पानी

विद्यालय में नामांकित 325 में से 200 छात्र ही उपस्थित पाए गए। इनमें कई छात्रों का शैक्षिक स्तर न्यून पाया गया। पिछले निरीक्षण में छात्रों के स्तर सुधारने की चेतावनी दी गई थी पर सुधार नहीं होने से संस्थाप्रधान एवं प्रभारी नोटिस जारी किया है। इस अवसर पर एसीबीईओ नीरज दोसी व पीईईओ राजीव जुहा भी मौजूद थे। खराड़ी ने राउमावि बोडिगामा का भी निरीक्षण किया एवं आईसीटी लेब की जांच की।

बांसवाड़ा : सरकारी स्कूल में पहुंचे पुलिस अधीक्षक ने हल करवाए गणित के सवाल, 18 बच्चों को गोद लेकर देंगे शैक्षिक मार्गदर्शन

तीन में से दो कम्प्यूटर खराब, डायरी भी नहीं भरते शिक्षक
निरीक्षण के दौरान खराड़ी ने कल्प योजना के 3 में से 2 कम्प्यूटर खराब पाए। इस पर उन्होंने इन्हें अविलम्ब सुधरवाने के निर्देश दिए। पड़ताल के दौरान यहा मात्र 2 अध्यापकों की दैनंदिनी संधारित पाई गई। खुद संस्था प्रधान की दैनंदिनी संधारित नहीं थी। बाद में मुख्य ब्लॉक शिक्षाधिकारी ने प्रबंध समिति के अध्यक्ष वालसिंग को भी मौके पर बुलाकर जानकारी ली तो उन्होंने भी शिक्षकों की लापरवाही की बात बताई।