नियमों को बस्ते में रख निपटा दी 6-डी काउंसलिंग, शिक्षक हुए परेशान

उदयपुर. प्रारंभिक से माध्यमिक में पदस्थापन के लिए सोमवार सुबह शुरू हुई काउंसलिंग मंगलवार तडक़े तक चली। रात साढ़े 12 बजे तक शिक्षक गोवर्धन विलास स्कूल में ही परेशान होते रहे। मंगलवार तडक़े पदस्थापन के बाद 162 शिक्षकों की सूची चस्पा कर दी गई। अधिकारियों ने निदेशक से मिले स्पष्ट आदेश के बाद भी परिवेदनाओं को बस्ते में रखकर कुछ ऐसे शिक्षकों को भी दूरस्थ जगह भेज दिया, जिनको 6डी काउंसङ्क्षलग में शामिल ही नहीं करना था। इनमें सोमवार को बेसुध हुई, शिक्षिका भी शामिल है। जिसे अनुपस्थित मानकर उसका पदस्थापन 60 किमी दूर कर दिया गया। मुख्यालय कार्यालय में 256 परिवेदनाएं आई थी।

बस्ते में रखी परिवेदनाएं
सोमवार रात गर्मी और दिनभर की थकान से परेशान बेदला खुर्द की शिक्षिका आशा दूबे को इलाज के लिए परिजन ले गए तो उसे अनुपस्थित मानकर 60 किलोमीटर दूर फतहनगर के जेवाणा में पदस्थापित कर दिया। इसी तरह पातेय वेतन पर लगे शिक्षकों के साथ भी सही नहीं हुआ, जिससे शिक्षकों में रोष है। रावजी का हाटा स्कूल में तैनात अलका भटनागर ह्रदयरोग से पीडि़त है, उनकी ओर से परिवेदना देने के बावजूद बडग़ांव के कालोड़ा स्कूल में 65 किलोमीटर दूर लगा दिया गया।

जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक मुख्यालय) भरत जोशी ने बताया कि जो परिवेदनाएं आई है और 16 जून तक और आएगी उनका 23 जून को निस्तारण किया जाएगा। जिनका पदस्थापन किया है उन्हें 15 जून तक कार्यग्रहण करने के आदेश दिए गए है। काउंसलिंग की खामियों को लेकर राजस्थान शिक्षक एवं पंचायतीराज कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष शेरसिंह चौहान ने बताया कि जिन्होंने ठोस कारण बता नाम हटाने की परिवेदना दी उनको सुना नहीं और काउंसलिंग कर दी। 2009 से कई तृतीय श्रेणी शिक्षकों को उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक एवं वरिष्ठ शिक्षक के पद पर पदोन्नत कर दिया गया। काउंसलिंग में ऐसे 4 पातेय वेतन शिक्षकों को तृतीय श्रेणी लेवल-2 के आदेश कर दिए गए, वहीं विधवा, गंभीर रोग से पीडि़त शिक्षकों को भी नहीं सुना गया।


23 को निस्तारित होंगी परिवेदनाएं
जिनको पदस्थापित कर दिया है उनकी एवं अन्य जो भी परिवेदनाएं आई उनको 23 को निस्तारित किया जाएगा। गाइड लाइन के अनुसार निर्णय करेंगे। भरत जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय