नियमितीकरण की मांग को लेकर अतिथि विद्वान अनिश्चितकालीन अवकाश पर

मेवाड़ किरण @ नीमच -

अपना मनासा @ भरत कनेरिया
शासकीय रामचन्द महाविद्यालय मनासा के अतिथि विद्वानों ने अपनी नियमितिकरण की मांग को लेकर आज महाविद्यालय के प्राचार्य को अनिश्चित कालीन अवकाश का सामूहिक रूप से आवेदन दिया। बता दे कि अतिथि विद्वान कई वर्षों अपनी मांंगो को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। जिसके अंतिम चरण में 2 अक्टूबर से सैकड़ो अतिथि विद्वान पदयात्रा के रूप में इंदौर से भोपाल की ओर निकल पड़े हैं। सीहोर पहुंचते पहुंचते विद्ववानों की संख्या 2 हजार के करीब पहुंची चुकी हैं। जिसमें भाग लेने के लिए पूरे प्रदेश के अतिथि विद्वान अनिश्चितकालीन अवकाश का आवेदन अपने प्राचार्य को देकर पहुंच रहे हैं। पदयात्रा भोपाल 12 अक्टूबर को पहुंचेगी। अतिथि विद्वान संघ ने बताया कि सरकार नेे अपने विधानसभा चुनाव 2018 के समय जारी किए वचन पत्र के बिंदु क्रमांक 17.22 के पालन में अतिथि विद्वानों को नियमित करने की नीति बनाई। जबकि सरकार अपने वचन पत्र की अनदेखी कर कई वर्षों से कार्यरत अनुभवी एवं शिक्षित विद्वानों की उपेक्षा कर उन्हें उनके रोजगार से वंचित करने पर तुली हुई हैं। अतिथि विद्वान संघ सरकार को उनके वचन को याद दिलाने के लिए पदयात्रा के रूप में भोपाल पहुंचेगा। सैकड़ो अतिथि विद्वानों द्वारा अपने केश का त्याग किया जाएगा। अतिथि विद्वानों के अवकाश पर जाने से छात्राओं की पढाई प़भावित हो रही हैं। महाविद्यालय के छात्र नवीन पाटीदार, अंकित धनगर, अंजली ओझा, मुस्कान बैरागी, जयदीप जाट ने बताया कि अतिथि विद्वानों के अवकाश पर चले जाने से हमारी पढ़ाई पूर्णतः ठप हो गयी हैं। सरकार को उनकी मांगे पूरी कर हमारी पढ़ाई प्रारम्भ करवाना चाहिए। इस अवसर पर मनासा कालेज के अतिथि विद्वान आशीष द्विवेदी, जगदीश विजयवर्गीय, बाला शर्मा, उन्नति कौशल, राजेन्द्र पैंसिया, देवेंद्र धामनिया, अशोक मोर्य, सुनीता जैन, निखिलेश जांगड़े, सोनम घोटा, कन्हैया लोहार, मीनाक्षी गुजराती भी पदयात्रा में शामिल होंगे। 

Source : Apna Neemuch