निजी स्कूल अब एक साथ दो बोर्ड का नहीं कर सकेंगे संचालन

चंदन सिंह देवड़ा/उदयपुर. राज्य सरकार ने गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं की मान्यता को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके अनुसार अब तक जो विद्यालय एक साथ दो बोर्ड का संचालन कर रहे थे, उन पर लगाम लगेगी। नए निर्देश के अनुसार एक समय में किसी एक बोर्ड की संबद्धता से ही हो सकेगी। यदि किसी दूसरे बोर्ड से सम्बद्धता प्राप्त की जाती है तो पूर्व बोर्ड से प्राप्त सम्बद्धता स्वत: ही समाप्त हो जाएगी।शिक्षामंत्री गोविंद डोटासरा ने कहा कि निजी स्कूलों की मान्यता नियमों के अंतर्गत उनके भवन, नाम, वर्ग, माध्यम परिवर्तन आदि के लम्बे समय से लम्बित मामलों का निस्तारण मई-जून में कैम्प लगाकर किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में कई निजी स्कूल ऐसे हैं जो एक साथ दो बोर्ड के पाठ्यक्रम का संचालन कर अभिभावकों से मोटी फीस वसूलते हैं। विद्यालय सीबीएसई, केम्ब्रिज समेत दूसरे बोर्ड के पाठ्यक्रम एक साथ संचालित करते हैं, उनकी मुश्किल बढ़ गई है।

मान्यता संबंधित यह दिए निर्देश

शिक्षामंत्री डोटासरा के अनुसार गैर सरकारी शिक्षण संस्थान का नाम बदलने योग्य होने पर ही राज्य सरकार स्वीकृति देगी। राज्य सरकार के स्तर पर गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं में किसी भी प्रकार के परिवर्तन के लिए औचित्य सहित प्रबन्ध कार्यकारिणी का प्रस्ताव आवश्यक होगा। परिवर्तन के लिए शिक्षक अभिभावक परिषद् की सहमति भी आवश्यक होगी। छात्रा विद्यालय को सहशिक्षा में परिवर्तन करने पर निर्धारित राशि के अतिरिक्त 50 हजार रुपए जमा करवाने पर स्वीकृति दी जाएगी। प्रति परिवर्तन के प्राथमिक स्तर पर 10 हजार, उच्च प्राथमिक 20 हजार, माध्यमिक 40 हजार और उच्च माध्यमिक विद्यालय स्तर पर 50 हजार रुपए निर्धारित किए गए है।

नहीं हो पाएगा भवन परिवर्तन

विद्यालय का स्वयं भवन होने पर भवन परिवर्तन की स्वीकृति नहीं दी जाएगी। अन्य मामले में भवन बदला जाता है तो आरटीई में पढऩे वाले बच्चों का परिवहन खर्च राजकोष में जमा कराना होगा। नए भवन निर्माण में नियमों का पूरा पालन होगा।

इनका कहना...

आदेशों का अध्ययन कर उसी के अनुसार निजी स्कूलों की मान्यता संबंधी कार्य करेंगे।

शिवजी गौड़ मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी उदयपुर

निजी स्कूलों की काफी समस्याएं लम्बित हैं। उम्मीद जगी है कि सरकार निपटारा करेगी। कुछ स्कूलों में ही दो बोर्ड की व्यवस्था है लेकिन फिर भी निर्देश पढऩे के बाद ही कुछ कह पाऊंगा।


दिलीपसिंह यादव, उपाध्यक्ष प्राइवेट स्कूल डायरेक्टर एंड मैनेजमेंट एसोसिएशन उदयपुर