देवर के बेटों ने हत्या कर रोड़ी में दबा दिया ताई का शव

चित्तौडग़ढ़
जिले के निकुंभ थानान्तर्गत साल का खेड़ा गांव में रहने वाली एक महिला की गला दबाकर हत्या करने के बाद उसी की रोड़ी में शव दबा दिया। महिला 26 अगस्त 2019 से ही लापता थी। उसके पुत्र ने 27 अगस्त 2019 को थाने में गुमशुदगी रिपोर्ट देकर मां की हत्या की आशंका जताते हुए अपने ही चाचा के तीन बेटों पर संदेह जताया था, लेकिन पुलिस की ढिलाई के चलते खुलासा होने में विलंब हुआ।
जानकारी के अनुसार साल का खेड़ा निवासी शंभूलाल (२४) पुत्र स्व. गोटू गायरी ने २७ अगस्त २०१९ को निकुंभ थाने में रिपोर्ट दी कि वह १६ अगस्त को पैदल यात्रा पर रामदेवरा चला गया था। उसकी पत्नी भी पीहर चली गई थी। जबकि छोटा भाई भैरू परिवार सहित पूना में रहता है। प्रार्थी २७ अगस्त को यात्रा पूरी कर घर लौटा तो उसकी मां सोसर (५५) नहीं मिली। शंभूलाल ने रिपोर्ट में मां की हत्या की आशंका जताते हुए अपने ही चचेरे भाई दलीचंद पुत्र नारू गायरी, लेहरूलाल पुत्र नारू गायरी व हीरालाल पुत्र नारू गायरी पर संदेह जताया था। पुलिस की ओर से संदिग्ध लोगों से पूछताछ नहीं करने पर साल का खेड़ा गांव के लोगों ने आवरी माता सरपंच अशोक रायका के नेतृत्व में तीन सितंबर को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया था कि निकुंभ थाना पुलिस पुख्ता कार्रवाई नहीं कर रही है। संदिग्ध लोगों के नाम बताने के बावजूद उनसे पूछताछ नहीं की जा रही है।
जिन पर शक था वे ही निकले कातिल
निकुंभ थाना प्रभारी प्रभुलाल ने बताया कि संदिग्ध मोबाइल नम्बर की कॉल डिटेल निकलवाई गई। इसके बाद दलीचंद, उसके भाई लेहरूलाल व हीरालाल को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान दलीचंद ने पुलिस को बताया कि उन्होंने सोसर की गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को उसकी की रोड़ी में दबा दिया था। दलीचंद की निशानदेही पर पुलिस ने रोड़ी में दबा शव निकलवा लिया। शव को कपड़े से गठरी में बांधकर यहां सांवलियाजी राजकीय सामान्य चिकित्सालय लाया गया, जहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। इधर पुलिस ने तीनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है।
घुटने के नीचे के दोनों पैर व बायां हाथ नहीं मिला
पोस्टमार्टम में प्रारंभिक तौर पर यह बात सामने आई है कि सोसर की गला दबाकर हत्या की गई थी। उसके घुटने के नीचे के दोनों पैर व बायां हाथ भी गायब था। आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों ने हत्या के बाद या पहले उसके पैर व एक हाथ काट दिया हो, इस संबंध में पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
बीस साल पहले पति की मौत
मृतका के पुत्र शंभूलाल ने बताया कि उसके पिता गोटू गायरी की करीब बीस साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद उसके चाचा गोपीलाल ने उसे व उसके भाई व दो बहनों को पाल पोसकर बड़ा किया।
जमीन विवाद, दी थी धमकी
मृतका के पुत्र का कहना है कि करीब एक-डेढ़ माह पहले भी उसे आरोपियों ने धमकी दी थी कि वह अपने चाचा गोपीलाल के साथ नहीं रहे वरना मार देंगे। हत्या के पीछे जमीन विवाद माना जा रहा है। गोटूलाल, नारू व गोपीलाल तीनों भाई है। इनके कुल १८ बीघा जमीन है। तीनों के पास ६-६ बीघा जमीन बंटवारे में आई हुई है। गोपीलाल के नाम पर जमीन तो है, लेकिन उस पर उसका कब्जा नहीं है। जमीन को लेकर नारू से उसका विवाद भी होता रहा है।
गहने व नकदी लूटने का भी आरोप
पुलिस की ओर से बुधवार को सोसर की हत्या का खुलासा करने के बाद उसके पुत्र शंभूलाल की ओर से पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया गया है कि उसे पहले ही शक था कि दलीचंद, हीरालाल व लेहरूलाल उसकी मां सोसर की हत्या कर सकते हैं। रिपोर्ट में कहा है कि आरोपियों ने हत्या से पहले उसकी मां के पहनी हुई दो किलो वजनी चांदी की कडिय़ां, डेढ तोले का सोने का टड्डा, दो तोला वजनी रामनामी व मांदलिया व पचास हजार रूपए लूट लिए और बाद में उसकी हत्या कर दी।
पुलिस पर है यह आरोप
आवरी माता सरपंच अशोक रायका व मृतका के पुत्र शंभूलाल ने निकुंभ थाना पुलिस पर आरोप लगाया है कि उसने समय रहते पुख्ता कार्रवाई नहीं की। जिन लोगों पर संदेह जताया था, उनसे पूछताछ नहीं की, इसलिए हत्या का राज खुलने में विलंब हुआ है। इधर पता चला है कि एक कुएं से पुलिस को मोबाइल भी मिला है। यह मोबाइल किसका है, इस बारे में पुलिस ने अब तक खुलासा नहीं किया है।