दुर्भावना से सद्गुणों का विनाश हो जाता है – कमलमूनि कमलेश

दुर्भावना किसी के प्रति हमारे मन में पैदा होती है उससे अगले का नुकसान हो या ना हो परंतु हमारे सद्गुणों का नाश हो जाता है आत्मा का पतन होता है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने जैन स्थानक भवन नीमच छावनी में जैन दिवाकर गुरुदेव श्री चौथमलजी महाराज साहब की दीक्षा जयंती की पूर्व संध्या पर धर्म सभा को संबोधित करते कहा कि विश्व के सभी धर्मों ने दुर्भावना को जहर से भी खतरनाक बताया है और वाइब्रेशन अणु बम परमाणु बम से भी खतरनाक है मुनि कमलेश ने कहा कि दुर्भावना आत्मा को दुर्गति का मेहमान बनाता है वह किसी निमित्त से निर्मित होती हो उसका प्रभाव पूरी प्रकृति पर पड़ता है राष्ट्रसंत ने कहा कि दुर्भावनाओं का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ता है टेंशन माइग्रेन डिप्रेशन ब्लड प्रेशर हार्ड अटैक जैसी बीमारियों को निमंत्रण देना है मुनि कमलेश ने कहा कि दुर्भावना से बुद्धि मलिन हो जाती है उसके प्रभाव से सज्जन भी शैतान के रूप में बदल जाता है जैन संत ने कहा कि दुर्भावना से ग्रसित किया हुआ दान त्याग तपस्या धर्म और तीर्थ भी पाप के रूप में परिवर्तित हो जाता है अरिहंत मुनिजी ने मंगलाचरण किया तपस्वी घनश्याम मुनिजी म.सा. ने भी विचार व्यक्त किए जैन दिवाकर गुरुदेव श्री चौथमलजी महाराज की बरसात की 125 वीं दीक्षा जयंती तथा उपाध्याय प्रवर श्री मूलमुनि जी की दीक्षा जयंती के उपलक्ष में जैन दिवाकर कमल गोतीर्थ गौशाला चल्दू के लिए सी.एम. बोरवेल्स अशोक चौधरी ने गोशाला की धरती पर बोरिंग करने की घोषणा की। 23 फरवरी प्रातः 9 बजे जैन स्थानक भवन नीमच छावनी दीक्षा जयंती के उपलक्ष में सामूहिक एकासना एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाएगी सांवरमल कांठेड, बालमनोहर मनन, मोहन वीरवाल, मदन वीरवाल, शंभूलाल बम्ब, जम्मूकुमार कुमावत ने बिहार सेवा का लाभ लिया आशा साम्भर, रानी राणा जैन, कविता छिगावत, जतन घोटा ने अभिनंदन किया। कार्यक्रम का संचालन भंवरलाल देशलेहरा ने किया सभा का संचालन किया कन्हैया लाल पितलिया ने आभार व्यक्त किया।