दुनिया मना रही बेटी दिवस, यहां बेटियां कर रही रोटी का बंदोबस्त

कपिल सोनी/गोगुंदा. आज दुनिया अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस मना रही है। हर ओर बेटियों के सम्मान, उनके प्रोत्साहन की बात हो रही है, लेकिन समाज में कई बेटियां हैं, जो दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष कर रही है। गोगुन्दा के बस स्टैण्ड पर ऐसा ही नजारा देखने को मिला। एक परिवार की दो बेटियां अपने भाई के साथ छोटे-बड़े करतब दिखाकर तमाशबिन लोगों के सामने हाथ फैलाती नजर आई। ये उदयपुर के नट परिवार की बेटियां थी, जो तरह-तरह के करतब दिखाकर परिवार के गुजारे का जुगाड़ करती है।
इधर, पत्रिका अभियान में बोली बेटियां
मुझे पापा के साथ ऑफिस जाकर बहुत अच्छा लगा। पापा की सीट पर बैठकर पूरे दिन काम देखा। पापा किस तरह स्टूडेंट्स को पढ़ाते हैं, सीखा। अब हर छुट्टी के दिन पापा के साथ ऑफिस जाऊंगी। पापा की तरह मैं भी बड़ी होकर टीचर बनूंगी।
युविका भलावत, मेनार
पहली बार थाने में पापा के साथ आकर उनकी कुर्सी पर बैठी। पापा ने आज पहली बार समझाया कि थाने में वो क्या करते हैं। जानकर अच्छा लगा। मेरी क्लास में सभी बच्चों को पुलिस का डर है। स्कूल में सभी को बताऊंगी।
वर्षा, फलासिया
पापा के साथ दूध डेयरी पर पहुंचकर दुग्ध संकलन केन्द्र की गतिविधी जानी। डेयरी पर लाए दूध को नाप तोल कर मशीन से फेट निकालना सीखा। पापा की तरह मेहनत कर आगे बढऩे की ठानी है।

उषा पटेल, करावली (गींगला)
पापा के ऑफिस में कार्य करने का अवसर मिला। आगे जाकर डॉक्टर बनना चाहती हूं। छुट्टी के दिन पापा के ऑफिस में समय बिताती हूं। पापा का कामकाज देखकर बहुत सीखने को मिलता है।

तनीषा आमेटा, भटेवर
मुझे आज पापा के दफ्तर में जाकर बहुत अच्छा लगा। मैंने पापा के साथ बैठकर पुलिस कार्रवाई का तरीका देखा। बहुत कुछ सीखने को मिला। बड़ी होकर मैं भी आईपीएस अफसर बनना चाहती हूं।

तनवी देवल, कानोड़
पापा के साथ हॉस्पिटल में पहुंची। पापा ने यहां के कामकाज के तौर तरीके बताए। इस दौरान आए रोगियों के उपचार की प्रक्रिया जानी। बहुत कुछ सीखने को मिला। मैं भी बड़ी होकर पापा की तरह ही डॉक्टर ही बनूंगी।अंजला अहमद सैफी, सलूम्बर
मैंने पापा के काम में हाथ बंटाते हुए कामकाज को समझा। इसके साथ ही कार्यालय में होने वाले ऑनलाइन कार्यों, प्रीमीयम जमा करना सीखा। पापा का कामकाज संभालकर नया अनुभव प्राप्त करने का मौका मिला।सोनू डांगी, मावली
पापा के ऑफिस आकर अच्छा लगा। खाली समय में पापा मुझे ऑफिस में बैठाकर कानूनी जानकारी देते हैं। इनमें बाल अधिकारों की जानकारी मिली। मैं भी बड़ी होकर पापा जैसी ही वकील बनना चाहती हूं।
ईशरत जहां, धरियावद
बिटिया इन ऑफिस कार्यक्रम के तहत आज पापा के केबल नेटवर्क ऑफिस जा कर कार्य देखा। केबल नेटवर्क में जनता की डिमांड के चैनल दिखाने के लिए सिग्नल सेटिंग करना बहुत पसंद आया। आगे भी ऑफिस आऊंगी।
श्री झाला, गोगुंदा