तीसरे दिन खुले रहे गांधीसागर के 8 गेट

मंदसौर
गांधीसागर बांध के बुधवार को लगातार तीसरे दिन गेट खुले रहे। गाधीसागर में पानी की आवक के चलते गेट खोले गए। सोमवार को जहां १४ गेट खुले थे तो मंगलवार दोपहर तक ५ छोटे गेट खुले थे, लेकिन शाम को पानी की आवक बढ़ी तो और गेट रात को खोलना पड़े और १० गेट खुले थे। जो सुबह तक खुले रहे। बुधवार को सुबह दो छोटे गेट बंद कर दिए गए, लेकिन ८ गेट अभी भी खुले हुए है।

गांधीसागर में ५ छोटे और तीन बड़े गेट खुले है। इस तरह तीसरे दिन बुधवार को ८ गेट से पानी छोड़ा गया। वर्तमान में गांधीसागर का जलस्तर 1311 फिट है और विभाग को यहां १३१० का लेवल मेंटन करना होता है। ऐसे में आवक बढऩे के साथ यहां गेट खोले जा रहे है। वर्तमान में १ लाख ४० हजार क्यूसेक से आवक हो रही है।

जिले के गांधीसागर जलाशय में मंगलवार को १ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यहां ५ छोटे गेट खुले हुए है। वहीं गांधीसागर में वर्तमान में ड़ेढ़ लाख क्यूसेक से पानी की आवक हो रही है। सोमवार को ३ लाख से अधिक की आवक होने पर १४ गेट खोलना पड़े थे। गांधीसागर के बड़े गेट सोमवार को दिनभर खुले रहने के बाद मंगलवार को सुबह ४.३० बजे बंद किए गए। मंगलवार को ५ बड़े और ४ छोटे गेट बंद किए गए। ५ छोटे गेट से गांधीसागर से मंगलवार को दिनभर पानी छोड़ा गया।

वर्तमान में १३११ फीट का लेवल है। और १३१० फीट का लेवल विभाग को यहां मेंटन करना होता है। ऐसे में बुधवार सुबह तक यह गेट खुले रहेंगे। इसके बाद आवक पर गेट खोलने या बंद करने पर निर्णय लिया जाएगा।


ढाई लाख क्यूसेक हुई आवक तो रात में खोलना पड़े गेट
जिले के गांधीसागर में दोपहर बाद पानी की आवक तेजी से बढ़ गई। इसके चलते गांधीसागर बांध के रात को और गेट खोलना पड़ा। दोपहर तक गांधीसागर में १ लाख क्यूसेक की आवक थी और ५ छोटे गेट खोले गए थे। लेकिन दोपहर बाद गांधीसागर में ढाई लाख क्यूसेक की आवक हो गई। इसके चलते दो बड़े और दो छोटे और गेट खोलना पड़े और ५ गेट पहले से ही छोटे खुले थे। इस तरह रात ९ बजे बाद गांधीसागर के कुल १० गेट खुल गए। यहां से एक लाख क्यूसेक पानी और रात को छोड़ा गया। यह सुबह तक खुले रहेंगे। वर्तमान में गांधीसागर का जलस्तर १३११ फीट है और पानी की आवक तेजी से बढ़ रही है। इसके कारण मंगलवार को सुबह बंद किए गए गेट को रात को फिर से खोलना पड़े। जलसंसाधन विभाग के एसडीओ एमएल त्रिवेदी ने बताया कि पानी की आवक ढाई लाख क्यूसेक हो जाने के कारण रात को और गेट खोलना पड़े।