तंत्र मंत्र से ठीक करने का झांसा देकर तांत्रिक ने नाबालिग से किया दुष्कर्म, अब भुगतेगा ऐसी सजा

डूंगरपुर।

बीमार किशोरी को तंत्र मंत्र से ठीक करने का झांसा देकर अपहरण कर ले जाने तथा दुष्कर्म करने वाले तांत्रिक को विशिष्ठ न्यायाधीश महेंद्र कुमार सिंघल ने आजीवन कारावास तथा जुर्माने की सजा सुनाई।

यह था मामला
अभियोजन पक्ष के अनुसार पीडि़ता के पिता ने एक सितम्बर 2015 को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दज कराई थी। इसमें बताया कि प्रार्थी की नाबालिग बेटी बीमार चल रही थी। काफी इलाज के बाद भी कोई लाभ नहीं हो रहा था। इस पर कुछ लोगों ने निचला खेरवाड़ा जवास हाल खेरवाड़ा निवासी लियाकत उर्फ मुन्ना उर्फ मामु पुत्र स्व. अब्दुल खां मकरानी के बारे में बताया। लियाकत घाटी मोहल्ले में ताबिज डोरे करता था। लोगों के कहने पर प्रार्थी ने उससे संपर्क किया। जुलाई 2015 में तांत्रिक प्रार्थी के घर आया तथा पीडि़ता को देखकर लंबा इलाज चलने की बात कही। इलाज के नाम पर करीब 40 हजार रुपए भी ऐंठ लिए। 13 अगस्त 2015 की शाम को प्रार्थी घर पर नहीं था, उस वक्त लियाकत घर आया। आरोपित ने पीडि़ता को कमरे में बुलाया। तंत्र मंत्र कर तथा कोई नशीला पदार्थ खिलाकर पीडि़ता का अपहरण कर साथ ले गया। प्रार्थी व परिवार जनों ने काफी तलाश की लेकिन नहीं मिला।

रिपोर्ट में आरोप लगाया कि आरोपित प्रार्थी की नाबालिग पुत्री को पत्नी बनाने की नीयत से ले गया है तथा उससे बलात्कार कर रहा है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर पीडि़ता को डिटेन कर माता-पिता को सौंपा था। जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। उल्लेखनीय है कि घटना के कुछ वक्त बाद पीडि़ता की मृत्यु हो गई थी।

यह दी सजा
न्यायालय ने सुनवाई के बाद अभियुक्त लियाकत को पोक्सो तथा भादंसं की विभिन्न धाराओं के तहत आजीवन कारावास और कुल 16 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। सरकार की ओर से पैरवी विशिष्ठ लोक अभियोजक भारतभूषण पण्ड्या ने की।