डेंगू ने पैर पसारे: घर में बीमारी को न्योता, बाहर लडऩे की नसीहत, कैसे सुधरे सेहत

भीलवाड़ा।

जिले में डेंगू पैर पसार रहा है। बीमारी से तीन जनों की मौत हो चुकी है। एक दर्जन से अधिक की जांच में पुष्टि हुई है। चिकित्सा विभाग सतर्कता का ढोल पीट रहा। सच्चाई यह है कि जिले का सबसे बड़ा महात्मा गांधी अस्पताल ही बीमारी को बुलावा दे रहा है। इसका कारण अस्पताल के चारों ओर गंदा पानी और उसमें पनपते मच्छरों हैं। सेहत सुधारने के लिए वहां जा रहे लोग ही बीमार हो रहे हैं। विभाग डेंगू से लडऩे के लिए नसीहत का पाठ पढ़ा रहा है लेकिन अस्पताल के हालात को नहीं देखा जा रहा। आउटडोर के ठीक सामने सुलभ शौचालय के निकट बने टॉयलेट के बाहर गंदा पानी भरा है। मोर्चरी के निकट, एमसीएच यूनिट के बाहर समेत कई स्थानों पर गंदे पानी में मच्छर भनभना रहे है। रोजाना यहां से सैकड़ों लोग निकलते हैं। सडांध के कारण नाक में रूमाल ढक कर जाने की नौबत आ रही है। चिकित्सालय प्रशासन जानकार भी ध्यान नहीं दे रहा। यहीं हाल कोटा रोड पर सुवाणा में सामुदायिक चिकित्सालय के बाहर भी देखने को मिला। चिकित्सालय के बाहर पानी भरा हुआ है और मच्छर पनप रहे है।

 

खुले में ही डाल रहे बॉयोवेस्ट


एमजीएच में मोर्चरी के निकट खुले में बॉयोवेस्ट डाला जा रहा है। इससे भी बीमारी फैलने का खतरा हुआ बना हुआ है। बॉयोवेस्ट के लिए जगह निर्धारित है। लेकिन उसकी फाटक ही खोलकर ले गया। बॉयोवेस्ट ही एेसे ही बिखरा पड़ा है।

 

हल्का बुखार महसूस होते ही अस्पताल में दिखाएं


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जेसी जीनगर ने बताया कि मलेरिया, डेंगू, स्क्रब, टाइफस और चिकनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियों को उत्पन्न करने वाले मच्छरों की रोकथाम को जन आंदोलन बनाकर ही सभी मौसमी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन चिकित्सा दला घर.घर जाकर सर्वे कर रहा है। साथ हीं स्क्रीनिंग कर बुखार पीडि़त व्यक्तियों की रक्त स्लाइड की जांच कर उपचार सुविधा उपलब्ध करवाकर एन्टीलार्वल गतिविधियां आयोजित की जा रही है। घरों में बाल्टियों व टंकियों को ढक कर रखे। कूलर की नियमित सफाई करें। हल्का बुखार महसूस होते ही नजदीक अस्पताल दिखाया जाए।
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चिकित्सालय परिसर में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। गंदा पानी का भराव ना हो इसकी पुख्ता व्यवस्था की जाएगी।
एसपी आगीवाल, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, एमजीएच