ट्राइब मेडिफेस्ट 2019 : आदिवासी अंचल के डॉक्टर बनेंगे पिछड़ों-निर्धनों का सहारा, निशुल्क शिविर लगाकर करेंगे उपचार

बांसवाड़ा. आदिवासी अंचल के चिकित्सक रोगियों के उपचार के साथ ही पिछड़ों और निर्धनों की सेवा में भी आगे आएंगे। संभाग के चिकित्सक एकजुट होकर कार्य करेंगे। यह निर्णय मंगलवार को हरिदेव जोशी रंगमंच में आयोजित पांचवें ट्राइब मेडिफेस्ट में किया गया। मेडिफेस्ट में बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर और प्रतापगढ़ जिलों से तकरीबन 450 चिकित्सक शामिल हुए। मेडिफेस्ट का आयोजन ऑल आदिवासी डॉक्टर्स वेलफेयर सोसायटी की जिला इकाई 2014 बैच की ओर से हुआ। केंद्रीय समिति अध्यक्ष डा. दीपक निनामा ने बताया फेस्ट में निर्णय किया कि आदिवासी अंचल के चारों जिलों में निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे। जिसमें पीडि़तों को परामर्श दिया जाएगा। इसके लिए 12 सदस्यी टीम का गठन किया गया है।

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पिछड़ों की करेंगे मदद
निनामा ने बताया कि फेस्ट में निर्धन और पिछड़े बच्चों की मदद पर चर्चा हुई। जिसके तहत बच्चों को शिक्षा में सुविधा और मार्गदर्शन देकर उसका भविष्य सुधारने की दिशा में प्रयास किया जाएगा। बेटियों के विवाह एवं आर्थिक रूप से भी मदद करने का विचार किया गया। कार्यक्रम में वर्ष 2018 और 2019 में एमबीबीएस में प्रवेश लेने वाले चिकित्सकों को वरिष्ठ चिकित्सकों ने मार्गदर्शन दिया। राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान पाने वाले डा. भगतङ्क्षसह तम्बोलिया को सम्मानित किया गया।

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ये रहे अतिथि
अध्यक्षता डा. एलसी मईड़ा ने की। मुख्य अतिथि डा. लालशंकर डामोर रहे। विशिष्ट अतिथि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. एचएल ताबियार, डूंगरपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. महेंद्र परमार, उदयपुर सीएमएचओ डा. दिनेश खराड़ी, पीएमओ डा. एनएल चरपोटा, डा. रंजना चरपोटा व अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ महासचिव डा. शंकरलाल बामनिया रहे। कार्यक्रम में डा. दिनेश भाबोर, डा. नरेंद्र मईड़ा, डा. दिनेश बामनिया, डा. विनेश राणा, डा. थावरचंद मईड़ा से सहयोग किया।