जीवन बीमा को चुकानी होगी निरस्त किए दावे की राशि

भीलवाड़ा।

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच ने भारतीय जीवन बीमा निगम की सेवा को दोषपूर्ण मानते हुए परिवादी को राहत दी। परिवाद के अनुसार जहाजपुर तहसील के बिंध्याभाटा निवासी रामगोपाल मीणा ने निगम की शाहपुरा शाखा के खिलाफ एक परिवाद मंच के समक्ष पेश किया।

इसमें बताया कि उसके भाई लक्ष्मणलाल ने निगम के अधिकृत अभिकर्ता के माध्यम से 28 मार्च २०14 और 30 मार्च २०15 को दो बीमा पॉलिसी क्रमश: एक लाख और तीन लाख 93 हजार 825 रुपए की जारी करवाई। पॉलिसियों में लक्ष्मण ने रामगोपाल को नॉमिनी नामांकित किया। लक्ष्मणलाल का 26 अक्टूबर २०15 को निधन हो गया। रामगोपाल ने बीमा क्लेम पेश किया, तो निगम ने इसे सात महीने तक लम्बित रखा। इसके बाद निगम ने रामगोपाल को दो पत्र भेजकर क्लेम निरस्त करने की सूचना दी। इससे पहले लक्ष्मणलाल के बाएं पैर में 2008 में दुर्घटना में विकलांगता आ गई थी।

वह छड़ी के सहारे चलता फि रता था। इसकी जानकारी अभिकर्ता को भी थी। इसे लेकर परिवादी रामगोपाल ने मंच से बीमा पॉलिसियों की बीमा राशि 4 लाख 93 हजार 825 रुपए मय ब्याज व मानसिक संताप क्षतिपूर्ति मंच से 50 हजार और परिवाद व्यय मंच से दिलाने की गुहार की। मंच ने निगम को बीमा धन के 3 लाख 93 हजार 825 रुपए सहित कुल 4 लाख 93 हजार 825 रुपए का भुगतान रामगोपाल को करने के आदेश दिए।