जीरन में सफाईकर्मीयो की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी

मेवाड़ किरण @ नीमच -

अपना जीरन @ लाला भट्ट
जहाँ लोकसभा चुनाव को लेकर देश भर में आचार संहिता प्रभावी है, ऐसे में सरकारी कर्मचारियों को अवकाश तक कि मनाही है। लेकिन इसके विपरीत जीरन नगर परिषद के लगभग 40 सफाईकर्मी शासकीय भूमि पर संत रविदास की मूर्ति को हटाने की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए है। जीरन में खुली भूमि पर अपना हक जताने के नाम पर हो रही कशमकश में दो समुदाय एक दूसरे के आने सामने हो गए है। हालांकि इस मामले में दोनों पक्षो की जुबानी जंग नही चल रही है लेकिन गुपचुप तरीके जमीन पर अपना हक जताया जा रहा है। मामला गांधी नगर के वाल्मीकि समाज के रहवासियों के समीप शासकीय बालक प्राथमिक विद्यालय से लगी भूमि का है। पिछले दिनों अहिरवार समाज ने उक्त खुली भूमि पर चबूतरा बनाकर संत रविदास जी मूर्ति स्थापित कर दी और उक्त जगह पर बगीचा बनाकर चौराहे को रविदास सर्कल घोषित करने की मांग की। लेकिन अगले ही दिन वाल्मीकि समाज के लोगो ने उक्त मूर्ति स्थापना को लेकर जमीन पर किए गए कब्जे को गलत ठहराते हुए आपत्ति दर्ज करवाई। मामला कलेक्टर कार्यालय पहुंचा तो प्रशासन संत रविदास जी की मूर्ति को हटाने के लिए मय बल के साथ मौके पर पहुंच गया। लेकिन अमले के मौके पर पहुंचे और मूर्ति हटाने का प्रयास किया तो अहिरवार समाज की महिलाओं ने विरोध दर्ज करवाया जिसके बाद प्रशासन बैरंग लौट गया। मामले में पिछले कई दिनों से वाल्मीकि समाज के लोगो ने प्रशासन को आवेदन देकर उक्त खुली भूमि से मूर्ति एंव चबूतरे को हटाने की मांग की जा रही थी। जब प्रशासन ने कोई कार्यवाही नही की तो वाल्मीकि समाज से जुड़े नगर परिषद जीरन के कर्मचारियों ने 14 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी। जिसके बाद कल गुरुवार से जीरन नगर परिषद के सफाईकर्मियों ने काम बंद कर दिया। जिसके बाद से ही नगर के प्रमुख मार्ग एवं चौराहे पर गन्दगी का आलम दिखाई देने लगा। इधर सफाईकर्मियों ने प्राथमिक सुविधाओं को भी अपनी जद में लेकर जीरन के सुलभ शोचालय पर भी ताले डाल दिए है जिससे लोगो को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को तहसीलदार के निर्देश पर नगर परिषद के अन्य कर्मचारियों ने सुलभ शोचालय के ताले तो खोल दिए मगर शुक्रवार को फिर से दिन भर से सुलभ शोचालय पर ताले डले रहे। इधर इस मामले में शासकीय बालक प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने उक्त जमीन के विवाद पर जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि शासन द्वारा विद्यालय भवन के लिए जमीन का आवंटन किया गया था। लेकिन जीरन तहसील में पिछले दो साल से विद्यालय की ओर से जमीन के सीमांकन का आवेदन दिया जा रहा है लेकिन बार बार आवेदन के बाद भी स्कूल की भूमि का सीमांकन नही किया जिसके कारण रहवासी लोग खुली भूमि पर अपना कब्जा जमाने की लगातार कोशिश कर रहे है। जिसका परिणाम ही है कि विद्यालय की कई बीघा भूमि कब्जे के कारण सिमटते सिमटे कम होती जा रही है।
सफाईकर्मियों की हड़ताल को खत्म करवाने शुक्रवार को जिला प्रशासन ने काफी प्रयास किए लेकिन सफाईकर्मी नही माने। लगभग दो घण्टे तक जिला प्रशासन के अधिकारियों ने जीरन नगर परिषद कार्यालय में बैठकर मंत्रणा की लेकिन सफाईकर्मी अपनी मांग से टस से मस नही हुए।हालांकि जिला प्रशासन ने सफाईकर्मीयो को स्पष्ट निर्देश दिये है कि वे शनिवार से कम पर लौट जाए। लेकिन सफाईकर्मियों ने अब तक अपना रुख स्पष्ट नही किया है।

Source : Apna Neemuch