जिला एवं झाड़ोल प्रशासन के लिए खड़ी हो सकती है नई मुसीबत: वादा कर उसे पूरा नहीं करने से नाराज आम ग्रामीण

उदयपुर/ झाड़ोल. मूलभूत सुविधाओं से वंचित उपखण्ड की फलासिया पंचायत समिति की ग्राम पंचायत सरवण व माल के ग्रामीणों का गुस्सा अब आसमान पर है। सुविधाओं को लेकर प्रशासनिक स्तर पर मिले आश्वासन के बावजूद पूरे नहीं हुए कामों को लेकर लामबंद ग्रामीणों ने आगामी दिनों में नेशनल हाइ-वे जाम करने की चेतावनी दी है। इस मामले को लेकर उनकी ओर से जिला कलक्टर के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 8 जनवरी को मूलभूत सुविधाओं के लिए उनकी ओर से रेंज कार्यालय पानरवा का घेराव किया गया था। प्रशासनिक ओहदेदारों ने लिखित में समझौता करते हुए एक माह में अधिकाधिक समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था। समझौते के तहत सोम से सरवण मार्ग 2 किलोमीटर तक पक्की सड़क बनाना, शेष 3 किलोमीटर वनपथ वन विभाग की ओर से बनाया जाना, गांव में बिजली कनेक्शन के लिए वन विभाग व विद्युत निगम के बीच समन्वय स्थापित करना, मोबाइल टावर स्थापित करना, वनाधिकार पत्र समस्या का निस्तारण, अम्बासा से छाली बोकडा तक की वनपथ निर्माण, माण्डवा व आंदडीबावड़ी, हेवड़ा टैपुर व बोर्डी में विद्युतीकरण करना एवं अन्य शामिल था। ग्रामीणों ने बताया कि ८ जनवरी को हुए समझौते के बाद एक माह बीत गया है, लेकिन समस्याएं व हालात जस के तस बने हुए हैं। ज्ञापन देने वालों में सरपंच सूर्यप्रकाश अहारी, विधायक प्रत्याशी सोहनलाल परमार, अशोक सिंह, दुर्जनसिंह, योगेशसिंह, कल्याणसिंह एवं अन्य ग्रामीण मौजूद थे।
इनकी थी मौजूदगी
प्रशासन की उपस्थिति में हुए समझौते के दौरान तहसीलदार मनसुख डामोर, विद्युत निगम के सहायक अभियंता अंकुर कश्यप, सहायक अभियन्ता पीडब्लूडी यूूनस पीरजादा, पानरवा व फलासिया के थानाधिकारी, वन विभाग के उच्च अधिकारियों की उपस्थिति में समझौता पत्र पढ़कर सुनाया गया था। ग्रामीणों की ओर से 22 फरवरी को महुड़ी बस स्टैण्ड पर नेशनल हाइ-वे 58 ई को जाम करने की चेतावनी दी गई है।