जिंदा बेटी का पिता ने क्यों कर दिया पिंडदान….पढ़ें यहां


मंदसौर.
जिले के अफजलपुर थानाक्षेत्र के ग्राम कुचडौद में युवक-युवती के प्रेम विवाह के बाद युवती के पिता ने नाराज होकर युवती को मृत समझ उसकी शोक पत्रिका छपवाकर कर पिंडदान कर दिया। युवती ने प्रेम विवाह गांव के ही युवक से किया।
थानाप्रभारी लालङ्क्षसह परमार ने बताया कि कुचडौद निवासी गोपाल कुमावत ने २५ जुलाई को बालिका शारदा उम्र १९ साल की गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। ३१ जुलाई को युवक भगत कुमावत निवासी कुचडोद के साथ प्रतापगढ़ से दस्तियाब किया। दोनों ने शादी कर ली। थाने पर परिजनों के साथ बालिका की बात भी हुई। युवती बालिक है और उसने माता-पिता के साथ जाने से इंकार कर दिया। युवक-युवती एक ही समाज के है।
३१ को मिले और छपाई शोक पत्रिका
युवक और युवती प्रेम विवाह के बाद थाने पहुंचे। यहां पर ३१ जुलाई को युवती अपनी परिजनों से मिली। जहां उसने पिता के साथ जाने से इंकार कर दिया। युवती के पिता ने उससे मिलने के बाद शोक पत्रिका छपवा ली। पत्रिका में लिखा गोरनी पत्रिका। जिसमें बताया गया कि २५ तारीख को शारदा को स्वर्गवास हो गया है। जिसकी आत्मशांति के लिए गौरनी कार्यक्रम रखा गया है मेहमान आगमन एक अगस्त को और गोरनी एवं शांतिभोज दो अगस्त सुबह नौ बजे से कुमावत समाज धर्मशाला परिसर में रखा गया है। यानि कि पत्रिका के मुताबिक कार्यक्रम शुक्रवार को हो गया। युवती के पिता गोपाल मंडोरा ने कहा कि बालक-बालिका बालिक होने के बाद अधिक समझदार हो जाते है। मैंने पत्रिका छपवाई है और पिंडदान कर दिया है।