जानें छह माह में कैसे पेट्रोल डीजल ने छुआ आसमान

मेवाड़ किरण@नीमच -

नीमच. अंतरराष्ट्रीय बाजार में रुपए के दाम गिरने और डालर की कीमत में बढ़ोतरी आने के कारण पेट्रोलियम प्रदार्थों के दाम निरंतर बढ़ते जा रहे हैं। लगातार बढ़ते पेट्रोल डीजल के दामों के चलते जहां उपभोक्ताओं का बजट गड़बड़ा रहा है। वहीं दूसरी ओर विभिन्न आयल कंपनियां भी चिंतित हो चुकी है। आंकड़ों की माने तो पिछले छह माह में पेट्रोल में 10 रुपए और डीजल में 9 रुपए से अधिक की बड़ोतरी हुई है। जिसका प्रभाव अन्य वस्तुओं पर भी पड़ रहा है। लेकिन इस ओर सरकार अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
बतादें की पेट्रोल डीजल के दाम पिछले छह माह से लगातार बढ़ते जा रहे है। हर माह 2-4 रुपए की बढ़ोतरी होते होते इस माह पेट्रोल ने90 रुपए का आंकड़ा पार कर लिया है। शनिवार को शहर के अधिकतर पेट्रोल पंप पर 90 रुपए 05 पैसे से लेकर 93 रुपए 03 पैसे प्रति लीटर तक पेट्रोल मिला। चूकि पेट्रोल आम उपभोक्ता की जरूरत बन चुका है। इस कारण बढ़ते दाम के बावजूद भी पेट्रोल लेना उपभोक्ताओं की मजबूरी बन चुका है। पत्रिका ने जब पिछले छह माह के पेट्रोल डीजल के दामों पर नजर डाली तो हालात आश्चर्य जनक नजर आए। जो पेट्रोल छह माह पूर्व 80 रुपए प्रति लीटर था, वह 29 सितंबर को 90 रुपए क्रास कर गया। वहीं जो डीजल छह माह पूर्व 70 रुपए था, उसके दाम शनिवार को 79 रुपए से अधिक रहे।
दिनांक पेट्रोल पॉवर पेट्रोल डीजल
२९ अप्रैल 80.89 83.87 70.05
२९ मई 84.80 87.78 73.66
२९ जून 81.99 84.97 71.75
२९ जुलाई 82.79 85.77 72.07
२९ अगस्त 84.78 87.76 74.35
२९ सितंबर 90.05 93.03 79.46
आंकड़ों की माने तो अप्रैल के बाद मई माह में करीब 4 रुपए 80 पैसे की वृद्धि हुई थी। लेकिन उसके बाद गिरावट भी आई। लेकिन जून माह से लगातार पेट्रोल डीजल के दाम में बढ़ोतरी हुई है। अगर ऐसे ही हालात रहे तो जहां पिछले छह माह में पेट्रोल में 10 रुपए की बढ़ोतरी होकर पेट्रोल 90 रुपए प्रति लीटर का दाम पार कर चुका है। वहीं एक दो माह में ही पेट्रोल के दाम 100 रुपए क्रास करने में भी देर नहीं लगेगी। क्योंकि अगस्त में जहां पेट्रोल 84 रुपए से एक माह में ही बढ़कर 90 रुपए हो गया है। तो एक दो माह में 100 रुपए होना कोई बड़ी बात नजर नहीं आ रही है। लेकिन इसका सीधा असर सीधे आम उपभोक्ता पर पड़ रहा है।
अन्य वस्तुएं भी हो रही महंगी
चूकि सभी वस्तुएं उपभोक्ता तक पहुंचने में ट्रांसपोर्ट की आवश्यकता होती है। इस मान से जैसे जैसे पेट्रोल डीजल के दामों में बढ़ोतरी हो रही है। वैसे वैसे अन्य सामग्रियों में भी महंगाई की मार बढ़ती जा रही है। जिसका सीधा असर किराना से लेकर अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं में आसानी से नजर आने लगा है।
वर्जन
रुपए की अपेक्षा डालर की कीमत बढऩे के कारण दामों में बढ़ोतरी आ रही है। हालांकि विदेशी मुद्रा का भंडार बढ़ा है जिससे डाउन फाल आएगा। वहीं दूसरी ओर आयल कंपनियों ने बैठक कर एक ठोस प्रस्ताव सरकार को भेजा है। सरकार भी चिंतित है। इसलिए प्रस्ताव पर अमल करेगी। और शीघ्र ही कोई रास्ता निकलेगा।
-महेंद्र भटनागर, जिलाध्यक्ष पेट्रोलपंप एसोसिएशन, नीमच