जानें क्‍यों सफल होने के लिए निजी जिम्मेदारी है बेहद जरूरी

सफलता की कोई कुंजी नहीं है, बस कुछ बातें हैं जिनको अपनाने से आप सफलता की सीढ़ी चढ़ते जाते हैं, इसमें एक है खुद की जिम्‍मेदारी, इस स्‍लाइडशो में जानते हैं सफल होने के लिए यह कितना जरूरी है।

 

क्या है निजी जिम्मेदारी?

निजि जिम्मेदारी हमारे जीवन में घटने वाली घटनाओं, परिस्थितियों और उनके प्रति दी प्रतिक्रियाओं के प्रति सचेत नियंत्रण होता है। हम सभी अपने द्वारा किये गए कमों के लिये जिम्मेदार हैं, फिर चाहे हम इन्हें पसंद करें या न करें। हम अपने जीवन में क्या कर रहे हैं और जो हम कर चुके हैं, ये पूरी तरह हमारा कर्म है। अगर हम अपनी जिम्मेदारी से भागने के लिये कोई तर्क दें, तो ये केवल हमारी प्रतिभा और सफलता की संभवना को कम करता है। जीवन में सफल होने के लिये निजी जिम्मेदारी लेना और इसका सही मतलब समझना बेहद जरूरी है।

क्या है निजी जिम्मेदारी?

निजी जिम्मेदारी लेने के फायदे

निजी जिम्मेदारी लेकर, हमें खुद की जिंदगी, अपनी शर्तों और नियमों पर जीने की आज़ादी मिलती है। जिस दिन से आप गंभीरता से निजी जिम्मेदारी लेना शुरु कर देते हैं, आपको अपनी क्षमता और अहमियत का अहसास होता है। या कहिये आप खुद को पहचान पाते हैं। साथ ही निजी जिम्मेदारी लेना सामान्य रूप से व्यक्तिगत विकास के लिए नींव की तरह होता है। अपनी भूमिका को स्वीकार करके, आप खुद के सुधार और विकास का अ वसर पाते हैं।

निजी जिम्मेदारी लेने के फायदे

मुश्किल कामो को भी करने में मदद मिलती है

जहां एक ओर सभी सबसे आसान और तेज़ रास्ता चुन सफल बनना चाहते है, निजी जिम्मेदारी लेने की भावना के साथ आप मुश्किल से मुश्किल रास्तो को पार सफल बन सकते हैं। शॉर्ट कट से मिली सफलता ज्यादा दिन नहीं टिकती, मगर मेहनत से कमाई सफलता आसानी से साथ नहीं छोड़ती। निजी जिम्मेदारी की भावना अपना आप मुश्किलों की आंख से आंख मिलाकर आने वाली मुश्किलों का सामना कर पाते हैं और उन्हें सुलढाकर आगे भी बढ़ पाते हैं।

मुश्किल कामो को भी करने में मदद मिलती है
 कोई आपको डरा नहीं सकता

जब आप अपने दिल से काम करते हैं तो आप अपने आप को सशक्त बना पाते हैं और सफलता प्रप्त कर पाते हैं। अपनी निजी जिम्मेदारियों को समझ कर कभी दूसरो से भयभीत महसुस नहीं करते हैं। और कोई भी काम करने के लिये आपको किसी से भी डरने या इजाज़त लेने की जरुरत नही होती है। इस तरह आप अपना बेस्ट दे पाते ।

कोई आपको डरा नहीं सकता

असफलता को स्वीकार कर नई शुरुआत

जो लोग हारने से डरते हैं या असफलता को स्वाकार नहीं कर पाते, उन्हें सफलता का स्वाद चखने को नहीं मिलता है। ध्यान रखें, असफलता निश्चित ही मुश्किल होती है, लेकिन हर किसी को जिंदगी में सफलता पाने के लिये की बार पहले असफल होना पड़ता है। निजी जिम्मेदारियों को समझने वाला व्यक्ति को असफलता सिखाती है की उसे अपने प्रदर्शन में क्या बदलाव करने चाहिये, कहा सुधार करना चाहिये, और इन बदलावों और सुधार के बाद सफलता उसको मिलती ही है।

असफलता को स्वीकार कर नई शुरुआत