जानिए छत्तीसगढ़ से आई उस सुरीली सिंगर के बारे में जिसने बहुत खूबसूरत गाने गाए हैं ….

भगवती तेली/उदयपुर . बॉलीवुड गायिका और अपनी सुरीली आवाज के लिए जानी जाने वाली सुमेधा कर्मेह ने कहा कि वर्तमान में वह दौर है जिसमें किसी भी कलाकार को टीवी का इंतजार नहीं करना पड़ता है। अगर आप में काबिलियत है तो आप सोशल मीडिया, यूट्यूब के माध्यम से अपनी प्रतिभा लोगों तक पहुंचा सकते हो। सुमेधा गुरुवार को एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए उदयपुर आई थी। सुमेधा ने राजस्थान पत्रिका के साथ अपने फिल्मी कॅरियर को लेकर अनुभव साझा किए। सुमेधा ने कहा कि ऐसा नहीं है कि आप मुम्बई से बाहर के हो तो आपको मौका नहीं मिलेगा। अगर हुनर है तो कोई भी मंजिल आपके लिए कठिन नहीं है, बस आपको उस मंजिल को पाने के लिए उतनी मेहनत भी करनी पड़ेगी। सुमेधा ने कहा कि इस साल मार्च-अप्रेल तक उनके कुछ गाने रिलीज होंगे, जिनमें पुराने गाने उनकी आवाज में और कुछ उनके गाने भी शामिल हैं। एक गाना बंगाली भाषा में भी है।

छत्तीसगढ़ टू मुम्बई वाया चंड़ीगढ़
सुमेधा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से स्कूली पढ़ाई के बाद कॉलेज की पढ़ाई के लिए वह चंडीगढ़ चली गई। लुधियाना में उन्होंने सारेगामा के दो ऑडिशन दिए। फाइनल ऑडिशन मुम्बई में था, लेकिन उसी दरम्यान उनके फ ाइनल इयर के एग्जाम्स भी आ गए। घर पर बात की तो मां ने ऑडिशन देने के लिए हामी भरी। मुम्बई जाकर ऑडिशन दिया और सारेगामा में सेलेक्ट होकर टॉप 5 तक पहुंची। सुमेधा बताती है कि यही टर्निंग पॉइंट था, यहीं से कॅरियर चल पड़ा। कल्चर शौक भी मुम्बई खींच लाया। वह तीन साल की उम्र से स्टेज परफॉर्मेंस कर रही है। 14 साल की उम्र में ओपी नैयर से उनके गाने के लिए सारेगामा के शो में अवार्ड मिला था।

 

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नज्म-नज्म और टूटा जो कभी तारा...से सुर्खियां
सुमेधा के सबसे चर्चित गानों में बरेली की बर्फी एल्बम का ‘नज्म-नज्म’ और अ फ्लाइंग जाट का ‘टूटा जो कभी तारा रहा’। जब यह गाने रिलीज हुए तो लोगों ने खूब सराहा। इनका नज्म-नज्म आज भी कई लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। इसके अलावा सुमेधा ने अरिजीत सिंह के साथ फुद्दू फिल्म के लिए तुम-तुम हो, थ्र्री स्टोरीज का रासलीला और हाई जैक फिल्म का हैप्पी एडिंग गाना गा चुकी है।

पांच भाषाओं में गाए गाने
सुमेधा ने बताया कि अब तक वह पांच अलग-अलग भाषाओं में गाना गा चुकी है। उनका पहला प्लेबैक संतोष सिहान की तहान फिल्म के लिए था। उनके पांच प्लेबैक सिंगल्स में बावरे नैन, यादें, दरम्यान, दोपहरियां ने उन्हें पहचान दिलाई। सुमेधा एक एंटरटेनमेंट चैनल के सिंगिंग रियलिटी शो की ज्यूरी मेम्बर होने के साथ ही कई धारावाहिकों के लिए भी गाने गा चुकी हैं। कई देशों में शो कर चुकी हैं।