जलपरी ‘गौरवी’ बोली कठिन परिश्रम और बड़ों के आशीष से पार किया लक्ष्य

भुवनेश पण्ड्या 

उदयपुर. उदयपुर की जलपरी गौरवी सिंघवी बुधवार को अपने शहर पहुंची। यहां गौरवी का खिलाडिय़ों, प्रशिक्षक व शहरवासियों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। गौरवी ने हाल में इंग्लिश चैनल पार कर दुनिया की सबसे युवा तैराक बनने की उपलब्धि हासिल की है। 16 वर्ष की गौरवी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कठिन परिश्रम, माता पिता व गुरुजन के आशीर्वाद से ही उसे ये उपलब्धि मिली है।

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गर्मजोशी से किया स्वागत

उदयपुर की जलपरी गौरवी सिंघवी बुधवार को जैसे ही उदयपुर एयरपोर्ट पर पहुंची तो उसे उसकी स्कूल के स्कूल के साथियों, परिवार के सदस्यो और गुरु ने स्वागत किया। गौरवी सिंघवी के एयरपोर्ट से बाहर आते ही सबसे पहले उनके प्रशिक्षक महेश पालीवाल ने उन्हें आशीष देकर उसका स्वागत किया। यहां सभी लोग गौरवी के गौरव की ही चर्चा कर रहे थे। गौरवी ने अपनी इस उपलब्धी का श्रेय माता शुभ सिंघवी, पिता अभिषेक सिंघवी और अपने प्रशिक्षक महेश पालीवाल को दिया है।

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आई कई मुश्किल पर तैयारी पूरी :

गौरवी ने बताया कि कि इंग्लिश चैनल पार करने के दौरान उसके सामने कई मुश्किले आई, लेकिन उसकी तैयारी पूरी थी। उसी प्रेक्टिस की वजह से वह अपने मिशन को पूरा करने में सफ ल हुई, गौरवी की सफ लता से उसके प्रशिक्षक भी खासे खुश हैं। उन्होंने भी गौरवी की प्रशंसा करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

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ये है इंग्लिश चैनल:

गौरवी ने लंदन के डोवर से फ्र ांस तक का करीब 40 किलोमीटर का समुद्री रास्ता पार किया जिसे इंग्लिश चैनल कहा जाता है। गौरवी ने इसके लिए कड़ी मेहनत की थी। गौरवी ने इस उपलब्धि को 13 घंटे 26 मिनट तक तैराकी कर प्राप्त किया है। इंग्लिश चैनल फ्रांसीसी स्लीव, अटलांटिक महासागर की एक शाखा है जो ब्रिटेन को उत्तरी फ्र ांस से अलग करती है। उत्तरी सागर को अटलांटिक से जोड़ती है। यह तकरीबन 560 किमी लंबी और चौड़ाई में 240 किलोमीटर चौड़ी है। यह यूरोप के महाद्वीपीय शेल्फ के आसपास के उथले समुद्रों में सबसे छोटा है, जिसमें तकरीबन 75,000 किलोमीटर का क्षेत्र शामिल है।
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ये भी उपलब्धि है गौरवी के नाम
- लेकसिटी की इस होनहार जलपरी के इस करिश्माई रिकॉर्ड बनाने से पहले गत वर्ष अरब सागर में पहले जुहू बीच से गेटवे ऑफ इंडिया तक ओपन स्वीमिंग कर 47 किलोमीटर का समुद्री सफर तय किया था। इसके लिए गौरवी ने 9 घंटे 22 मिनट में यह दूरी तय की थी।

- गौरवी ख्यात टे-डेक्स टॉक में अपनी कहानी साझा कर चुकी है।