जलझूलनी एकादशी पर जिलेभर में भगवान की झांकियां सजाकर निकाले बेवाण

प्रतापगढ़. जलझूलनी एकादशी पर सोमवार को शहर समेत जिलेभर में भगवान की झांकियां सजाकर बेवाण निकाले गए। बैण्ड-बाजों और ढोल-नगाड़ों के साथ बेवाण के जुलूस जलाशयों पर पहुंचे। इसमें व्यायामशालाओं के कलाकार करतब दिखाते चल रहे थे। शहर के गांधी चौराहे पर विभिन्न व्यायामशालाओं के कलाकारों ने कई हैरत अंगेज करबत दिखाए। बेवाण जलाशयों पर पहुंचे, जहां पूजा-अर्चना कर भगवान को जल में झुलाया गया। दोपहर बाद सभी मंदिरों से रेवाण में भगवान को विराजित कर झांकियां निकाली गई। रास्ते में श्रद्धालुओं ने बेवाण की पूजा-अर्चना की और प्रसाद चढ़ाया। सभी बेवाण दीपेश्वर तालाब पहुंचे। जहां भगवान को जल में झुलाया गया। इसके बाद आरती व पूजा-अर्चना कर प्रसादी वितरित की गई।
व्यायामशालाओं ने दिखाए करतब
शहर के सभी मंदिरों के निकाले गए बेवाण की शोभायात्रा गांधी चौराहे पर पहुंची। यहां पर शहर की प्रमुख व्यायामशालाओं की ओर से करतब दिखाए गए। गांधी चौराहे पर बाल कलाकारों की ओर से प्रस्तुत करतब आकर्षण का केन्द्र रहे। इस वष के्रन की मदद से भी कई करतब दिखाए गए।
चूपना .चूपना गांव में जुलूस निकाला गया। जिसमें भगवान की ट्रेक्टर-ट्रॉली में झांकी सजाई गई। जिसमें भगवान को विराजित किया गया। श्रद्धालु शोभायात्रा में डीजे की थाप पर नाचते हुए चल रहे थे। यात्रा गांव के मुख्य मार्गों से होती हुए श्री कृष्ण मंदिर पहुंची।
सालमगढ़. कस्बे के प्रमुख सत्यनारायण मंदिर, राम जानकी मंदिर व चारभुजानाथ मंदिर से बेवाण निकाले गए।मंदिरों से बाजे गाजों के साथ भगवान को झूले में बिठाकर बेवाण को कंधों पर उठाकर पूरे कस्बे में भ्रमण कराया गया। इसके बाद तालाब पहुंचकर भगवान को स्नान, पूजा-अर्चना व आरती कर प्रसादी वितरित की गई। भागवत कथा वाचक पंडित रामेश्वर शर्मा के साथ कई भक्त भगवान के जयकारे लगाते हुए ढोल पर नाचते हुए झूले में चल रहे थे। निकटवर्मी पदमपुरी गांव में भी बेवाण निकाले गए।
मोवाई. मोवाई, कोटड़ी व शौली आदि गांव में जानकी मंदिर से बेवाण निकाले गए। जो रोजड़ नदी पहुंचे। जहां भगवान को स्नान कराया गया।
असावता. गांवों में जलझूलनी एकादशी का पर्व मनाया गया। ठाकुरजी का बेवाण निकाला गया। जिसमें मंदिर से बेवाण शोभायात्रा निकाली गई। भगवान् को जल में स्नान करवाया और झुलाया गया। क्षेत्र के राजोरा, सेमली, अरनिया, जसवंतपुरा, ठिकरिया, बरोठा, सेलारपुरा, कुणी, रामगढ़, उमरखेड़ी, भणावदा आदि गांव में बेवाण निकाले गए।
पीपलखूंट. जलझूलनी एकादशी पर जुलूस निकाला गया। इस दौरान रंग बिरंगे परिधानों में सजे हुए लोगों ने बैंड की धुन पर नृत्य किया। गरबा खेलते हुए अम्बे माता मंदिर से मुख्य मार्ग होते हुए माही नदी पहुंचे। जहां पर भगवान को स्नान कराकर आरती उतारकर प्रसाद वितरित की गई।
स्वरूपगंज. गांव में जलझूलनी एकादशी पर्व पर चारभुजा मंदिर से बेवाण निकाला गया। जो मुख्य मार्गों से होते हुए रावला कुआ, बावड़ी पहुंचा।जिसमें श्रद्धालु नृत्य करते हुए चल रहे थे।जहां भगवान को जल में झुलाया गया। इसके बाद महाआरती कर प्रसाद वितरित की गई। इसके साथ ही बरखेड़ा, धामनिया, चौहान खेड़ा, गडरियावास, रंबावली, बरकटी, रामदेवजी आदि गांवों में बेवाण निकाले गए।
बारावरदा. क्षेत्र में देव झुलनी ग्यारस पर झांकियां निकाली।वहीं झांकियों में बैंड बाजों के साथ राम जानकी मंदिर से होते हुए सदर बाजार बस स्टैंड पहुंचा। जहां से नेशनल हाइवे 113 पर वरदी नदी में भगवान को स्नान करवा कर पूजा आरती की।
मोखमपुरा . ्रघोंटारसी समेत गांवों में बेवाण निकाले गए। जलझूलनी एकादशी के उपलक्ष में गांव देवद में भगवान श्रीराम एवं श्री चारभुजा नाथ के बेवाणा निकाले गए। जो घाटी वाले बालाजी तक पहुंचे। वहां पर भगवान को स्नान कराया गया। इस दौरान समस्त ग्रामवासी बैंड-बाजों के साथ नाचते गाते चल रहे थे। भगवान के रथ को पूरे गांव में निकाला।
अरनोद. अरनोद सहित आसपास के विभिन्न गावों जलझुलनी ग्यारस पर विभिन्न मंदिरो के भगवान को रथ में विराजमान कर गांव में बेवाण निकाले गए। कस्बे के नृसिंह मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, सेन समाज के राम जानकी मंदिर, कुमावत मंदिर, ब्राह्मण समाज के मंदिर, रैदास मोहल्ला, नई आबादी के अंबामाता मंदिर सहित सभी मंदिरों पर बेवाण को फूलमालाओं से सजाया गया। शाम को बैंड बाजो के साथ नगर में भ्रमण कराया गया।
मेरियाखेडी . क्षेत्र के गांवों में जलझुलनी एकादशी पर बेवाण निकाले गए।जो नदी पर पहुंचे।जहां भगवान को जल में स्नान कराया गया।
वनपुरा . क्षेत्र में जलझुलनी ग्यारस पर क्षेत्रवासियों द्वारा भगवान को रेवाण में विराजित कर गांव में भ्रमण करवाया गया।जिसमें झांकियां बनाई गई। श्रद्धालुओं ने भी भगवान के गांव भ्रमण के दौरान जमकर नृत्य किया। बेवाणा का जगह.जगह स्वागत किया गया।वनपुरा, कोदिनेरा, नौगांवा, सिंगपुरीया, पडुनी सहित क्षेत्र में रेवाण निकाले गए। जलझूलनी एकादशी पर भगवान की झांकियां सजाकर बेवाण निकाले गए।
करजू जलझूलनी एकादशी पर सोमवार को कस्बे सहित गांव में भगवान की झांकियां सजाकर बेवाण निकाले गए। बैण्ड.बाजों और ढोल.नगाड़ों के साथ बेवाण के जुलूस जलाशयों पर पहुंचे। बेवाण जलाशयों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर भगवान को जल में झुलाया गया। पूजा-अर्चना कर प्रसादी का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने बेवाण की पूजा.अर्चना की और प्रसाद चढ़ाया।
छोटीसादड़ी नगर सहित उपखंड क्षेत्र में सोमवार को जलझूलनी एकादशी धूमधाम के साथ मनाई गई। सभी मंदिरों के भगवान का बैण्डबाजों के साथ चारभुजा मन्दिर संघ के नेतृत्व में बेवाण निकाला गया। बेवाण नगर के प्रमुख चारभुजा मंदिर से दोपहर 2 बजे आतिशबाजी कर देवो को जयकारों के साथ शुरू हुआ। जिसमें अखाडे के साथ शुरू हुआ। यहां सभी मंदिरों के बेवाण निकाले गए। नगर भ्रमण करने निकले भगवान के बेवाण में सबसे आगे घोड़ों पर सवार युवक धार्मिक पताका लिये चल रहे थे। इसके पीछे बेण्डबाजों व ढ़ोल ढमाकों के साथ अखाड़ा के पहलवान हेरतअंगेज करतब दिखाते चल रहे थे। लोगों ने अपने घरों छतों से भगवान के बेवाणों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। शाम को गांधी चौराहे होकर सभी बेवाण नीमच मार्ग स्थित गोविन्देश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। यहां सभी मंदिरों के भगवान को पवित्र कुण्ड के जल से स्नान कराकर पूजा.अर्चना की। आरती के बाद हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया।