जरूरतमंदों की लाठी बने यह युवा, लाखों के उपकरण दे रहे नि:शुल्क

मेवाड़ किरण@नीमच -

नीमच/मनासा. लोगों को अंग्रेजों से तो आजादी मिल गई, लेकिन रोगों से अभी भी आजादी नहीं मिली है। ऐसे में सम्पन्न लोग तो जैसे तैसे महंगे उपचार कराकर भी स्वास्थ्य लाभ ले लेते हैं। लेकिन संकट उनके सामने आ खड़ा होता है। जो आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं। ऐसे ही मरीजों की मदद करने के लिए नगर के चार युवाओं ने कमर कसी और आज वे कई मरीजों की सहारा बने हुए हैं।


नगर के स्वर्णिम मुंदड़ा ने बताया कि करीब 5 माह पूर्व मन में ख्याल आया कि कुछ ऐसा करें, जिससे उन मरीजों को लाभ मिले, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण समस्याओं से जूझते रहते हैं। इसी के चलते उन्होंने जब सर्जीकल उपकरण की नि:शुल्क सुविधाएं लोगों को देने की ठानी, तो उनके अन्य साथियों ने भी आगे आकर सहयोग किया, अब चारों दोस्त मिलकर कत्र्तव्य एक प्रयास संस्था के रूप में समाज की सेवा करने में जुटे हैं। स्वर्णिम के साथ श्रेयांस भंडारी, श्रेय मूंदड़ा, अनिरूद्ध सारडा सभी के द्वारा इस कार्य को किया जा रहा है।
संस्था के पास करीब 17 वॉकर, व्हीलचेयर, सर्जीकल बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, स्टीक आदि करीब 25 प्रकार के उपकरण हैं, जिनका उपयोग हाथ, पैर के फेक्चर से लेकर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे व्यक्तियों को होती है। इस सभी उपकरण संस्था द्वारा नि:शुल्क तब तक दिया जाता है जब तक कि उन्हें जरूरत होती है।


बुजुर्गों के भोजन की करेंगे व्यवस्था
स्वर्णिम मूंदड़ा ने बताया कि शीघ्र ही 2-4 माह में मनासा नगर में उन लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था शुरू करेंगे, जिन्हें किसी कारणवश दो वक्त का भोजन भी नहीं मिल पाता है ओर वे भूखे ही सो जाते हैं, उनके दोनों टाईम के भोजन की व्यवस्था करेंगे। ताकि जरूरतमंद लोग भूखे नहीं रहे। जिसकी शुरूआत करीब 15-20 लोगों को भोजन कराने से की जाएगी।