जगदीश मंदिर में फागोत्सव

प्रमोद सोनी
उदयपुर . फाल्गुन शुक्ल अष्टमी गुरुवार से होलाष्टक लग गए हैं। साथ ही शहर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में फागोत्सव की धूम शुरू हो गई है। जगदीश मंदिर, श्रीनाथजी मंदिर, अस्थल मंदिर, बाईजी राज कुंड पर फागोत्सव में श्रद्धालुओं की
भीड़ रही।
जगदीश मंदिर में रसिया गायन के साथ अबीर-गुलाब उड़ाकर फागोत्सव मनाया गया। होलाष्टक से 21 मार्च तक शुभ कार्य नहीं होंगे, क्योंकि होलाष्टक में ग्रहों का स्वभाव बदल जाता है। इस समय नया व्यापार, गृह प्रवेश, विवाह, वाहन क्रय सहित अन्य मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। शहर में होली पर्व के साथ ही मंदिरों फागोत्सव शुरू हो गया। हालांकि मंदिरों में फागोत्सव बसन्त पंचमी पर्व से शुरू हो जाता है। लेकिन होली के आठ दिन पहले होलाष्टमी से फागोत्सव के दौरान भगवान के साथ भक्तों को भी गुलाल अबीर खेलाइ जाती है। शहर के प्रमुख जगदीश मंदिर में गुरुवार को होलाष्टमी पर्व भोग आरती के बाद फागोत्सव के दौरान चंग की थाप फाल्गुन गीत गाए गए। इस दौरान भगवान जगन्नाथराय के साथ साथ भक्तों को भी फूलों के साथ गुलाल, अबीर खेलाई गई। फाल्गुनी गीतों में भगवान के गीतों के साथ गालियां भी गए गई । मंदिरों में फागोत्सव की धूम होली के बाद रंग पंचमी तक रहेगा।