जंगल में छेडछाड करने वाले आरोपी को 6 माह का सश्रम कारावास।

श्री दिनेश देवडा, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मनासा द्वारा एक आरोपी को जंगल में महिला से छेडछाड करने के आरोप का दोषी पाते हुए 6 माह के सश्रम कारावास एवं जुर्माने के दण्ड से दण्डित किया। इस प्रकरण में शासन की और से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री योगेश कुमार तिवारी द्वारा की गई।

अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी ए.डी.पी.ओ. रितेश कुमार सोमपुरा द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 11.01.2008 को ग्राम परदा निवासी फरियादिया लकड़ी लेने अन्य महिला गुड्डीबाई के साथ जंगल गयी हुई थी। जब फरियादीया लकडीयां इकट्ठी कर रही थी, तब वहाँ आरोपी राजू उर्फ राजा आया और फरियादीया का हाथ पकड़कर बुरी नीयत से झाडीयों में खींच कर ले जाने लगा। फरियादिया ने मना किया तो उसका हाथ मोड़ दिया और उसका मुह बंध करने लगा।

फरियादीया के साथ आई गुड्डीबाई जो की पास ही थी, उसने यह सब देख लिया और वो लोगो को दौड़ कर बुलाने गई तो इसी बीच आरोपी वहा से भाग गया। फरियादीया ने इस घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना मनासा में लेख कराई। पुलिस मनासा द्वारा विवेचना पूर्ण कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।आरोपी के विरूद्ध अपराध को प्रमाणित किये जाने के लिये अभियोजन की और से फरियादीया व चश्मदीद साक्षी गुड्डीबाई सहित अन्य महत्वपूर्ण गवाहो के बयान न्यायालय में कराये गये।

दण्ड के प्रश्न पर अभियोजन द्वारा तर्क किया गया कि यदि गुड्डीबाई, फरियादीया के साथ नहीं होती तो वह फरियादीया के साथ कोई बडी घटना को अंजाम दे सकता था, इसलिए ऐसे आरोपी कोे उदाहरण स्वरूप कठोर दण्ड से दण्डित किया जाना चाहिए। श्री दिनेश देवडा, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मनासा द्वारा आरोपी राजू उर्फ राजा पिता हीरालाल भील, उम्र-30 वर्ष, निवासी-ग्राम परदा तहसील मनासा को धारा 354 भादवि (छेडछाड करना) में 06 माह के सश्रम कारावास व 300रू जुर्माना से दण्डित किया गया।