चौतरफा ठगी का जाल, लोग हो रहे कंगाल : बढ़ रहा साइबर क्राइम, पुलिस उदासीन

लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद

एटीएम कार्ड नम्बर व ओटीपी की बजाय ऑनलाइन ठगी के लिए शातिर बदमाश अब नित नए तरीके अपनाने लगे हैं। एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर कई लोगों के बैंक खाते से पैसा निकालने के भी कई मामले सामने आए। बगैर मेहनत के रातोंरात लखपति का ख्वाब देखने वाले ही ठगी का शिकार हो रहे हैं। हर शख्स के जेहन में रातों-रात दौलतमंद की ख्वाहिश की कमजोरी भांप कर लाखों की लॉटरी, ईनाम का झांसा देकर टैक्स, फाइल व सरचार्ज के नाम पर बैंक खाते में पैसा जमा करवा लेते हैं। कुछ लोग संदिग्ध मेल के जरिये झांसे में आ रहे हैं, तो कुछ मोबाइल पर आने वाले कॉल से लाखों का उत्पाद हजारों रुपए में खरीदने के लिए बुक करवा कर ठगी का शिकार बन रहे हैं। धोखेबाज से ठगी की शर्म के चलते कई पीडि़त रिपोर्ट ही नहीं देते। कुछ हिम्मत जुटाकर थाने पहुंच भी जाते हैं, तो पुलिस सहयोग नहीं करती। बगैर एटीएम कार्ड, पिन व ओटीपी बताए बैंक खाते से पैसे निकलने के दो मामले सामने आ गए, मगर बैंक प्रबंधन द्वारा बताया कि ऐसा किसी भी परिस्थिति में संभव नहीं है। कहीं न कहीं उपभोक्ता की चूक जरूर रही है। हालांकि बैंक प्रबंधन द्वारा दोनों प्रकरणों में गहनता से जांच की जा रही है कि आखिर डिफॉल्ट क्या साइबर मामले में पुलिस की लाचारी अपराधियों के हौंसले बढ़ा रही है। साइबर की बढ़ती घटनाएं पुलिस, बैंक के साथ आमजन के लिए चिंताजनक है। उपभोक्ता की सतर्कता से ही इस तरह की वारदातों से बचने का बेहतर उपाय है।

:: ठगी-धोखाधड़ी की ये प्रमुख साजिशें ::
सतर्कता से बच गए पचास हजार
13 मई 16 को खुद को कांकरोली सीआई लक्ष्मणराम बता एमड़ी पूर्व सरपंच मांगीलाल कुमावत को कॉल कर मुंबई व अहमदाबाद में रिश्तेदार के माध्यम से डेढ़ लाख रुपए बैंक खाते में जमा कराने का झांसा दिया। झांसे में फंस भी गए, मगर सुझबूझ से कांकरोली थाने ही पहुंच गए, तो ठगी का पता चला। इस पर मुंबई बैंक पहुंचकर खाते में 49 हजार रुपए जमा करवा रहे उनके भतीजे को तत्काल रोका। फिर भी +917340528646 नम्बर से आए कॉल के ठग का आज तक पता नहीं चल सका।

आरबीआई अफसर बन ठगे
वर्ष 2015 में बजरंग चौराहा राजनगर के भैरूलाल माली को दस करोड़ की लॉटरी का झांसा देकर शातिर बदमाश ने फर्जी आरबीआई अफसर बनकर टैक्स के नाम पर 5 लाख 85 हजार ठग लिए। अलग अलग टुकड़ों में लाखों रुपए ऐंठ लिए। बाद में जांच के लिए पुलिस दिल्ली गई, जहां दिल्ली पुलिस की मदद से मोबाइल की लोकेशन, पता व लैंडलाइन नम्बर की जांच करने पर सभी फर्जी निकले। इस तरह पुलिस जांच आगे नहीं बढ़ी और आरोपी शिकंजे में नहीं आ पाए।

सस्ते मोबाइल के झांसे में ठगी
चारभुजा के माहेश्वरी सेवा सदन में कार्यरत नाथूराम दाधीच के मोबाइल पर 22 जनवरी को कॉल आया कि जीओ कंपनी की लॉटरी में उनका नाम खुला है। इसमें 14 हजार का एंड्रॉयड मोबाइल उसे सिर्फ 4 हजार में दिया जा रहा है। झांसे में आकर बुक करवा दिया। पार्सल डाकघर में पहुंचा, तभी वापस कॉल आया कि पार्सल डाकघर में पहुंचकर पैसे जमा करवा मोबाइल प्राप्त कर लेवे। 4 हजार रुपए जमा कराने के बाद पार्सल लिया और उसे खोला तो मोबाइल की बजाय लक्ष्मी यंत्र व रद्दी निकली। उसके मोबाइल पर 085275-92976 से कॉल आया, मगर पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ पाई।

दो लोगों के बैंक खाते से 60 हजार पार
धोइंदा निवासी हरिवल्लभ पालीवाल ने एसबीआई शाखा राजनगर में बैंक खाते से 7 फरवरी रात 1.16 बजे बीस- बीस हजार दो बार में पार हो गए। इसी तरह पीपली अहिरान निवासी हरलाल अहीर के एसबीआई कुंवारिया शाखा में खाते से 6 फरवरी को 20 हजार रुपए निकल गए। पालीवाल का पैसा दार्जिलिंग में निकला, जबकि हरलाल के खाते का पैसा उत्तराखंड में निकले। राजनगर व कुंवारिया थानों में रिपोर्ट दी, मगर पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।