चोरी व नकबजनी के दो आरोपियों को न्यायालय ने सुनाई 7-7 वर्ष की कड़ी कैद व जुर्माने की सजा

उदयपुर. चोरी व नकबजनी के दो आरोपियों को न्यायालय ने दो अलग-अलग मामलों में 7-7 वर्ष की कड़ी कैद व जुर्माने की सजा सुनाई। रामसिंह की बाड़ी सेक्टर-11 निवासी ताराचंद पुत्र जवाहरलाल चौधरी ने गोवर्धनविलास थाने में रिपोर्ट दी कि वह 26 जनवरी 2018 को रिश्तेदार की मौत पर गांव गया था। इस बीच 9 फरवरी को अज्ञात चोर मकान में घुसकर सोने-चांदी के जेवर, नकदी व बर्तन चुरा ले गए। पुलिस ने मामला दर्ज होने पर आरोपी नाथद्वारा निवासी दिनेश उर्फ हांडी पुत्र घनश्याम प्रजापत व उसके साथी कमलेश पुत्र भोलीराम वैष्णव को गिरफ्तार किया। आरोप पत्र पेश होने पर अभियोजन पक्ष की ओर से राकेश यादव ने आवश्यक साक्ष्य व दस्तावेज पेश किए। आरोप सिद्ध होने पर विशेष अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (पीसीपीएनडीटी एक्ट) के पीठासीन अधिकारी धीरज शर्मा ने दोनों आरोपियों को धारा 457-380 में 7-7वर्ष की कैद व 20-20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

इसी तरह बसंत विहार निवास नितेश पुत्र सोहन सुवालका के मकान से भी चोरी के एक अन्य प्रकरण में इसी न्यायालय ने आरोपियों को 5-5 वर्ष की कैद व 10-10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपियों ने सुवालका के मकान पर गत 11 फरवरी 2018 को धावा बोलते हुए वहां से 17 तोला सोने के जेवर, दो किलो चांदी व 1.10 लाख रुपए नकद चुराए थे

 

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युवती से छेड़छाड़ के आरोपी वृद्ध को चार वर्ष की कैद

उदयपुर. बेटी की उम्र की युवती के साथ छेडख़ानी व जबरदस्ती करने वाले आरोपी वृद्ध को न्यायालय ने 4 वर्ष के कैद व 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।पीडि़ता ने 24 नवम्बर 2015 को भीण्डर थाने में गांव के ही लक्ष्मीपुरा निवासी शंकर (60) पुत्र रूपा मेघवाल के खिलाफ रिपोर्ट दी थी। बताया कि पाणत के लिए वह कुछ दिनों से मां के साथ खेत पर ही सो रही थी। 22 नवम्बर मां के किसी वैवाहिक समारोह में जाने से वह अकेली थी तभी आरोपी उसके पास पहुंच गया। उसने छेड़छाड़ करते हुए जबरदस्ती की तो वह चिल्लाई तो आरोपी भाग छूटा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोप पत्र पेश होने पर अभियोजन पक्ष की ओर से वंदना उदावत ने आवश्यक साक्ष्य व दस्तावेज पेश किए। आरोप सिद्ध होने पर विशिष्ट न्यायालय पॉक्सो एक्ट के पीठासीन अधिकारी दिनेश कुमार नागौरी ने आरोपी को पोक्टो एक्ट में दोषी मानते हुए उसे चार वर्ष कैद की सजा सुनाई।