चुनावी रण में उतरे पिता की मदद के लिए अपना पेशा छोड़ बेटों ने तो कही बेटी ने संभाली कमान

मंदसौर.
विधानसभा चुनाव में जिले की चारों सीटों पर रण में उतरे प्रत्याशियों के लिए कही उनके बेटों तो कही बेटी ने अपना काम छोड़ प्रबंधन से लेकर प्रचार की कमान संभाली है। चुनावी व्यस्तता के इस दौर में पिता की मदद के लिए कोई पढ़ाई छोडक़र यहां आ पहुंचा तो कोई डॉक्टरी का अपना पेशा छोड़ प्रचार से लेकर प्रबंधन की कमान संभाले हुए है। इतना ही नहीं पिता जब राजनीति के कामों में व्यस्त है तो परिवार की जवाबदारी के साथ कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने के अलावा उनके कामों को भी पूरा करने का काम कर रहे है। जिले की चार सीटों में दोनों दलों के प्रमुख प्रत्याशियों में अधिकांश ऐसे है जो लंबे समय से राजनीति में है तो उन्हें यह विरासत में मिली है। लेकिन मल्हारगढ़ कांग्रेस प्रत्याशी का पूरा प्रचार समर्थकों व पार्टी के कार्यकर्ताओं के भरोसे पर ही है। तो इस सीट से चुनाव लड़ रहे भाजपा प्रत्याशी का प्रचार व प्रबंधन भी कार्यकर्ताओं के भरोसे ही हो रहा है।


क्लीनिक छोड़ संभाला प्रबंधन
सुवासरा से भाजपा प्रत्याशी राधेश्याम पाटीदार के लिए पुत्र डॉ. विजय पाटीदार कार्यकर्ताओं के बीच रहकर उनको प्रोत्साहित करने का काम कर रहे है। साथ ही चुनाव को लेकर प्रबंधन सहित अन्य काम संभाल रहे है। सुवासरा में डॉ. पाटीदार का क्लीनिक है तो श्री नाना भाई जनकल्याण उत्थान समिति के नाम से संस्था चलाते है। टिकिट मिलने के बाद से अपना काम-काज छोडक़र पिता की मदद का काम कर रहे है। पिता के चुनाव में व्यस्त होने के कारण परिवार की गतिविधियों से लेकर कार्यकर्ताओं के काम करने का काम वहीं कर रहे है।


पढ़ाई रोक,़ पिता के लिए कर रहे प्रचार
सुवासरा से कांग्रेस प्रत्याशी हरदीपसिंह डंग के चुनाव प्रचार के लिए इंदौर में पढ़ाई कर रहे हर्षदीप डंग भी सुवासरा पहुंचे है। जो टिकिट मिलने के बाद से ही लगातार लोगों से संपर्क करने के साथ पिता के जनंसपर्क में साथ में है। हर्षदीप पिता के चुनाव प्रचार के लिए पढ़ाई क़ुछ दिनों के लिए रोकी और सुवासरा आए हुए है और प्रचार के साथ प्रबंधन के अलावा अन्य काम पिता के साथ करने में लगे हुए है।


पिता की हर तरह से कर रहे मदद
मंदसौर से भाजपा प्रत्याशी यशपालसिंह सिसौदिया के बेटे डॉ. भानुप्रताप सिसौदिया का भी मंदसौर में क्लीनिक है। लेकिन वह भी पिता के चुनाव प्रबंधन से लेकर कार्यकर्ताओं के बीच अपनी सक्रियता चुनाव के इस दौर में बनाए हुए है। पिता के चुनाव प्रचार में व्यस्त होने के कारण परिवार के कामकाज से लेकर युवाओं के साथ ही अन्य कार्यकर्ताओं के कामों के साथ पिता के चुनाव का काम देख रहे है। डॉ. भानु राजनीति की इस राह पर पिता ही मदद करने में इन दिनों लगे हुए है।


प्रबंधन से लेकर प्रचार का संभाल रहे पूरा जिम्मा
कांग्रेस प्रत्याशी नरेंद्र नाहटा के लिए उनके भतीजे सोमिल नाहटा जो खुद भी राजनीति से जुड़े है और पूर्व में नपाध्यक्ष का चुनाव भी लड़ चुके है। वह चुनाव प्रबंधन से लेकर आईटी पर लगातार पोस्ट अपलोड करने के अलावा प्रचार के दौर में मतदाताओं से लेकर कार्यकर्ताओं को साधने का काम कर रहे है। यूथ कांग्रेस महासचिव के जवाबदारी के साथ राजनीति में लगातार सक्रिय होकर अब चुनाव में प्रचार से लेकर प्रबंधन का पूरा जिम्मा संभाल रहे है।
प्रचार से लेकर प्रबंधन संभाल रहे है

गरोठ से भाजपा प्रत्याशी देवीलाल धाकड़ के पुत्र सुदर्शन धाकड़ ने वर्तमान में पिता के चुनाव का जिम्मा संभाल रखा है। धाकड़ पिता के लिए चुनाव प्रचार में लोगों से मिलने के साथ सामाजिक समीकरण साधने के लिए बैठकों के अलावा जनसंपर्क का हिस्सा भी बन रहे है तो प्रबंधन का काम भी कर रहे है। धाकड़ के प्रचार के दौर में सुदर्शन भी पिता के कंधे से कंधा मिलाकर हर गांव से लेकर चौपाल तक पहुंचकर उनकी मदद करते हुए पिता की इस राजनीतिक पारी को सफल करने के लिए लगे हुए है।


यहां बेटी बनी पिता की मददगार
गरोठ से कांग्रेस प्रत्याशी सुभाष सोजतिया की बेटी टोनु सोजतिया पूणे में निजी कंपनी में सोशल मीडिया और पीआर एग्जीकेटिव के पद पर काम कर रहे है। वह वर्तमान में पिता के चुनाव के लिए यहां आई है और पूरे प्रचार के दौरान सोशल मीडिया का जिम्मा संभाल रहे है। जनसंपर्क में भी पिता के साथ जा रही है। पिता के साथ प्रचार करने के साथ प्रबंधन का जिम्मा भी संभाल रहे है। आईटी से लगातार लोगों से संपर्क करने का काम कर रही है।
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