चित्तौडग़ढ़ में कहां पर मेडिकल कॉलेज के लिए मिल गई जमीन


चित्तौडग़ढ़. जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज खोलने से जुड़ी प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके लिए सरकार के दल का दौरा करने के बाद अब जमीन भी आवंटित हो गई है। सरकार ने उदयपुर रोड पर बोजूंदा के पास पशुपालन विभाग के लिए पूर्व में आवंटित करीब ४७ बीघा जमीन अब मेडिकल कॉलेज के लिए आवंटित कर दी है। जमीन आवंटन के बाद माना जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज के लिए शीघ्र यहां के नाम की घोषणा हो सकती है। राज्य में वर्ष २०१३ में भी चित्तौडग़ढ़ में मेडिकल कॉलेज खोलने की बजट घोषणा हुई थी लेकिन बाद में राज्य में सत्ता परिवर्तन के साथ ही ये प्रस्ताव भी फाइलों में रह गया। इस बार भी मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया ने फिर जोर पकड़ा तो ये राजनीतिक मुद्दा भी बनता जा रहा है। पूर्व विधायक एवं एआईसीसी सदस्य सुरेन्द्रसिंह जाड़ावत का दावा है कि राज्य सरकार ने केन्द्र को जिन दस नए मेडिकल कॉलेज खोलने के प्रस्ताव भेजे है उनमें मापदंडो के आधार पर चित्तौडग़ढ़ पहले नंबर पर है। उनका आरोप है कि वर्ष २०१३ में स्वीकृत मेडिकल कॉलेज पिछले पांच साल में चित्तौड़ के हाथों से फिसल गई थी। कांग्रेस की सरकार बनते ही मुख्यमंत्री के निर्देश पर इसकी डीपीआर बनी और रिपोर्ट केन्द्र सरकार को भेज
दी गई है। इधर, भाजपा सांंसद सीपी जोशी एवं विधायक चन्द्रभानसिंह आक्या आदि का दावा है कि चित्तौडग़ढ़ में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए जो पहल शुरू हुई है उसके पीछे केन्द्र सरकार है एवं केन्द्रीय योजनाओं के तहत ही इसे खोलने का प्रस्ताव है।