चिकित्सा व्यवस्था में सुधार के लिए एनएमसी जरूरी- डॉ सुब्बैया

भुवनेश पण्ड्या

उदयपुर. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैंसर सर्जन डॉ एस. सुब्बैया ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी ) के रूप में मेडिकल एजुकेशन में बदलाव आ रहा है। इससे देश की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की आशाएं हैं। मेडिकल और दंत चिकित्सा के अभ्यास में सुधार के लिए एनएमसी आवश्यक है।

डॉ सुब्बैया शनिवार को गीतांजली मेडिकल कॉलेज के सभागार में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मेडिकल विद्यार्थियों के आयाम मेडिविजन की ओर से आयोजित पांचवीं ऑल इंडिया मेडिकल एंड डेंटल स्टूडेंट्स कॉन्फ्रें स को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आगामी तीन वर्ष में एनएमसी देश में पूरी तरह से लागू होगा। कॉन्फ्रें स में आए विद्यार्थियों के सुझाव को एक प्रस्ताव बनाकर मेडिविजन के प्रतिनिधि मंडल केन्द्रीय चिकित्सा मंत्री से मिलकर आवश्यक विषयों पर चर्चा करेंगे।
मुख्य अतिथि एबीवीपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील अम्बेडकर ने कहा कि शिक्षा में भारतीयकरण के लिए नई शिक्षा नीति से उम्मीदें रहेगी। डॉक्टर सिर्फ अपने व्यवसाय या अभ्यास तक सीमित न होकर युवा होने के नाते देश में चिकित्सा व्यवस्था में एवं समाज के लिए उदाहरण पेश करें।

समानांतर सत्र में बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम, इंट्रोडक्शन टू रिसर्च मेथोडोलॉजी, कम्युनिकेशन स्किल्स, इंट्रोड्क्शन टू फ ोटोडोंटिक्स आदि विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि गीतांजली ग्रुप के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अंकित अग्रवाल थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मेडिविजन के राष्ट्रीय संयोजक डॉ चिंतन चौधरी ने की।