चने में छाने लगा इल्लियों का प्रकोप, चिंतित किसान

मेवाड़ किरण @ नीमच -

महावीरसिंह चंद्रावत @ जहां एक ओर खेतों में सरसों की फसल लहलहाने लगी है। वहीं दूसरी ओर लहसुन और चने की फसल में कीट व्याधियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। जिससे फसल की वानस्पतिक वृद्धि तो प्रभावित हो ही रही है। साथ ही समय पर ध्यान नहीं देने से निश्चित ही उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस कारण किसान के माथे पर भी चिंता की लकीरें छाने लगी है।
लहसुन में छाया पीलापन और जड़ सडऩ रोग
लहसुन की फसल इस समय करीब डेढ़ माह की हो चुकी है। जिसमें पीलापन और जड़ सडऩ की समस्या के कारण किसान चिंतित हो उठा है। क्योंकि जड़ सडऩ होने के कारण पौधा खराब हो जाता है। जिससे निश्चित ही उत्पादन भी प्रभावित होता है। पौधे में पीलापन जड़ सडऩ और बैगनी धब्बा रोग के कारण आता है। फसल पर थ्रिप्स नामक कीड़ा लग जाता है। जिससे सफेद या चांदी के कलर के धब्बे हो जाते है। जो पौधों को भोजन बनाने में बाधा पैदा करते हैं। सफेद चखते बैंगनी धब्बा रोग की शुरूआत होती है। अगर समय से नियंत्रण नहीं किया जाए तो निश्चित ही फसल का उत्पादन व किस्म प्रभावित होती है।
जहां लहसुन में पीलापन ओर जड़ सडऩ की समस्या नजर आने लगी है। वहीं चने में इल्लियों का प्रकोप छाने लगा है। जिसके कारण चने का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इल्लियां चने की फलियों को खाने के साथ ही तने को भी कुरच कर तोड़ देती है। जिससे एक ओर पौधा गिर जाता है वहीं दूसरी ओर फली को खाने के कारण सीधा चने को नुकसान पहुंचता है।
मनासा तहसील के किसान बापूलाल राठौर ने बताया कि इन दिनों लहसुन में पीलापन अधिक छा रहा है। जिससे फसल का विकास भी अवरूद्ध नजर आ रहा है। यह तो ठीक है पौधे की जड़े भी सडऩे लगी है। वहीं चने में इल्ली का प्रकोप छाने से किसान चिंतित है।

Source : Apna Neemuch