गुवारड़ी नाले में दूषित पानी छोडऩे के लिए सभी उद्योगों को माना दोषी

भीलवाड़ा।
Polluted water in Guwarri drain गुवारड़ी नाले में दूषित पानी छोडऩे के मामले को राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने इसे गंभीर माना है। मंडल ने प्रोसेस हाउस संचालकों सहित १८ औद्योगिक इकाइयों को दोषी मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनसे सात दिन में जवाब मांगा गया है। उधर, उद्यमियों का मानना है कि मंडल दोषी उद्यमी को बचाने के लिए सभी को नोटिस जारी किए है।


Polluted water in Guwarri drain राजस्थान पत्रिका में १२ सितम्बर को 'गुवारड़ी नाले में फिर बहा काला पानीÓ समाचार प्रकाशित होने पर मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी महावीर मेहता ने गुवारड़ी नाले की जांच करवाई। नाले में काला व प्रदूषित पानी बहता मिला। इसका टीडीएस २१०० से ३००० था। इस पर चित्तौडग़ढ़ रोड स्थित 12 प्रोसेस हाउस सहित 18 औद्योगिक इकाइयों को प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए नोटिस थमाया गया है। नोटिस में बताया गया कि २६ जुलाई को मंडपिया व २८ जुलाई को गुवारड़ी नाले से सेम्पल लिए गए थे। इसकी मिली रिपोर्ट चिन्ताजनक आई है। उसके बाद ११ सितम्बर को बारिश के साथ दूषित पानी छोडऩे की घटना होने पर मंडल ने माना कि उद्योगों में लगे आरओ व एमईई का संचालन सही ढंग से संचालन नहीं हो रहा है। दूषित पानी नाले में छोड़ा जा रहा है। नोटिस में आरओ व एमईई के संचालन की प्रतिदिन की रिपोर्ट मांगी गई है।

उद्यमी बोले-बचा रहे दोषी को
Polluted water in Guwarri drain उद्यमियों का कहना है कि गुवारड़ी नाले में पानी छोडऩे वाले दोषी उद्योग को सीधा नोटिस ने देकर सभी को दोषी माना जा रहा है। एेसा कर मुख्य रूप से दोषी उद्योग को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। आरओ व एमईई का संचालन करने वालों को भी दोषी माना जा रहा है।

इन्हें थमाया नोटिस
एके स्पिनटेक्स, बीएसएल लिमिटेड, चेयरमैन प्रोसेस, जानकी कोर्प लिमिटेड, राजस्थान स्पिनिंग एंड विविंग मिल्स, पूजा स्पिनटेक्स, रंजन पोलियस्टर, संगम प्रोसेस, संगम डेनिम, सर्वोदय इंडिया, अनन्त सिन्टेक्स, सोना प्रोसेस प्रथम व द्वितीय, सुपर गोल्ड, सांवरिया टेक्स फेब, मॉडर्न वूलन, मोडटेक्स तथा अनिरुद्ध टेक्सकेम।