गुरू सप्तमी का त्रिदिवसीय महोत्सव का शंखनाद

मेवाड़ किरण @ नीमच -

विगत पॉंच वर्शो की परम्परानुसार इस वर्श भी आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय कलापूर्ण सूरीष्वरजी मसा. के षिश्य मधुर भाशी आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय कलाप्रभ सूरीष्वरजी मसा. की आज्ञानुवर्ति साध्वी श्री देवानंदा श्रीजी मसा., साध्वी दिव्य गीरा श्रीजी मसा., साध्वी दिव्य मेत्री श्रीजी की पावन निश्रा में श्री मदविजय राजेन्द्र सूरीष्वर मसा. का 192 वी जन्म जंयती एवं 112 वी स्वागारोहण दिवस गुरू सप्तमी महा-महोत्सव के रूप में समुचे भारत वर्श में श्रद्धा भक्ति भाव से 13 जनवरी रविवार को मनाई जा रही है कार्यक्रम की श्रृंखला में श्री षंखेष्वर पार्ष्वनाथ राजेन्द्रसूरी जैन मंदिर आश्रय आंगन जैन कालोनी पर विभिन्न धार्मिक अनुश्ठान आयोजित हो रहे। त्रिदिवसीय धार्मिक अनुश्ठानों में मंगल आर्षीवाद देने के लिए साध्वी वृन्द का नीमच नगर में भव्य मंगल प्रवेष 10 जनवरी को हो गया है। साध्वी वृन्द जैन भवन में दर्षन हेतु विराजमान है। महोत्सव की श्रृंखला में प्रथम दिवस पौश सुदी पंचमी 11 जनवरी षुक्रवार को सुबह 8.15 बजे अटठारह अभिशेक से हुआ। दोप. 1 बजे पाटला पूजन एवं कुम्भ स्थापना विविध मंत्रोच्चार के साथ की गई। प्रभु भक्ति एवं आरती सांय 7.30 बजे आयोजित की जाएगी। जैन कालोनी षंखेष्वर मंदिर को विषेश आर्कशक आर्केट के फुलों एवं रंगबिरगी विद्यत बल्बो से सजाया गया। सभी धार्मिक कार्यक्रमों में महिलाएं केसरिया व पुरूश ष्वेत परिधानों में सहभागी बनें। इस अवसर पर केसर अक्षत गुलाब के फूलों से नेवेधिय केषर, श्रीफल, चंदन आदि के साथ दीपक प्रज्जवलित कर अभिशेक किया गया। और हजारों मंत्रोच्चार के साथ आहूतिया दी गई।

Source : Apna Neemuch