गाँव के छोरे ने योग से खुद को बनाया रबर के सामान लचीला ,मिला रबर मेन का दर्जा

गनोड़ा। जज्बा हो, मेहनत हो तो कोई क्या कुछ नहीं कर सकता। इसका उदाहरण है बांसवाड़ा जिले के मोर गांव के 14 वर्षीय ‘रबर मैन’। दरअसल, रबर मैन का असली नाम जयेश लबाना है, जिसमें अपनी मेहनत,लगन और हिम्मत से यह सिद्ध किया कि कुछ भी असंभव नहीं है। जयेश की तीन साल की मेहनत ने उसे रबर मैन का दर्जा दिला दिया है। गांव और आस पास के लोग अब उसे इसी नाम से पुकारते रहै। दरअसल, किशोर ने योग के माध्यम से अपने शरीर को इतना लचीला बना लिया है कि उसका शरीर रबर की तरह जिधर चाहो मुड़ जाता है।

सोशल मीडिया पर छाया वीडियो
जयेश की ओर से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में योग किया गया था। जिसका दोस्तों ने वीडियो बनाकर सोशल साइट्स पर अपलोड कर दिया। योग के इस वीडियो को हजारों लाइक्स मिल चुके है। योग को लेकर जयेश ने बताया कि योग सेहत के लिए काफी बेहतर है। जिसका उसने स्वयं अनुभव किया है। वह योग के प्रति देशवाशियों को प्रेरित करना चाहता है। वह सुबह 5 बजे उठकर योग नियमित करता है।

टीवी देख मुकाम पाया
छोटे से गांव और मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे जयेश के पिता महेंद्र लबाना पेशे से कृषक है और मां बसंती गृहणी है। माध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने और ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े होने के कारण उसे योग सीखने में कोई मदद भी नहीं मिली। उसने सिर्फ टीवी देख और जानकारी जुटाकर ही यह मुकाम पाया है।

बाबा रामदेव से मिली प्रेरणा
11 वर्ष की उम्र से बाबा रामदेव को देख उसके मन में योग के प्रति लौ जली और उसने भी मन ही मन शरीर को लचीला बनने की ठान ली। रोजाना घंटों की मेहनत और लगन के बूते तीन सालों में उसने कई योग आसानों महारथ हासिल की और आज वो इन आसानों में इतना पारंगत है कि मन माफिक शरीर को मेड़ सकता है।

व्हाट्सएप्प (WhatsApp) पर शेयर करें