खुद ही ने उठाए गंेती-फावड़े और स्कूल तक बना दी सड़क


उदयपुर कोटड़ा.़ जनुनू और जज्बा हो तो कोई भी कार्य मुश्किल नहीं है। शुरुआत में जरूर अड़चने आती है लेकिन लगन हो तो वह कार्य असंभव नहीं है। इसी को चरितार्थ कर दिखाया है। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों और बच्चों ने। गुरा पंचायत के राजपुर काड़ा फला में बारिश के चलते स्कूल जाने वाला कच्चा मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था। सड़क पर बड़े बड़े खड्डे पड़ गए थे व कीचड़ पसरा हुआ था। जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों और शिक्षकों को परेशानी हो रही थी। समस्या से ग्राम पंचायत को अवगत कराया लेकिन वहां से सहयोग नहीं मिला तो शिक्षकों और बच्चों ने गंेती, तगारी व फावड़े उठाकर राह बना दी।

अन्य बच्चों ने भी बंटाया हाथ
प्रशासन और ग्राम पंचायत गुरा के सरपंच को समस्या से कई बार अवगत कराने के बावजूद कोई सहयोग नहीं मिला तो स्कूल के बच्चों के साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता नारायण लाल पारगी एवं अध्यापक मीठालाल पारगी तीन- चार दिन से लगातार कच्ची सड़क दुरुस्त करने में लगे हुए है।ं अध्यापक मीठालाल ने बताया कि कच्ची एवं कीचड़ युक्त सड़क से स्कूली बच्चे भी परेशान थे। उन्हेंं इस कार्य में लगा देख गांव के स्कूली बच्चे भी काम मे हाथ बंटाने लगे। तीन चार दिन की छुट्टियों में लगातर सड़क ठीक करने का काम किया है।

काड़ा फला में है 500 की आबादी
यहां ५०० की आबादी होने के बावजूद पिछले 2 सालों से किसी ने ध्यान नहीं दिया जिससे सड़क बद से बदतर होती गई। बारिश में समस्या ज्यादा ा्रहती है। अगर कोई बीमार हो जाए तो इनका भगवान ही मालिक है। यहां फिलहाल वाहन भी नहीं जा सकते है। बीमार होने पर मरीज को झोली में ले जाना ही एक मात्र विकल्प है।

पोषाहार सामग्री भी सिर पर ले जानी पड़ती है

मामेर मुख्य सड़क से 2 किमी दूर काड़ा फला विद्यालय है। सड़क खराब होने से यहां पोषाहार के वाहन भीं नही पहुंच पाते है।ं बारिश के मौसम में यहां बच्चो की राशन सामग्री सिर पर उठाकर ले जानी पड़ती है।

मार्ग जगह -जगह से टूट चुका था। जिससे बच्चों एवं ग्रामीणों को आने जाने में समस्या हो रही थी। हमने तीन चार दिन से लगातार काम करके ठीक कर रहे हैं।

मीठालाल पारगी
अध्यापक, काड़ा फला प्राथमिक विद्यालय

् बारिश रुकने के बाद काम चालू करवाया जाएगा। फिलहाल प्रस्ताव में लिया हुआ है, लेकिन नरेगा का पैसा रुका हुआ है। जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।

लक्ष्मी देवी
सरपंच, गुरा