खस्ताहाल सडक़ पर गड्ढों से आमजन हो रहे हादसों के शिकार, जिम्मेदार बने बेपरवाह तो राहत पहुंचाने युवाओं ने बढ़ाए हाथ

पालोदा/बांसवाड़ा. गड्ढ़ों से भरी सडक़ पर चलने के कष्ट और आए दिन हादसों में उठती आह पर सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं प्रशासन का दिल तो नहीं पसीजा लेकिन कुछ युवाओं को गड्ढों में गिरते पड़ते लोगों की वेदना देखी नहीं गई। प्रशासन से गुहार जब बेअसर हो गई तो वे खुद ही मैदान में कूद पड़े और गड्ढों को मिट्टी पत्थर से भरकर लोगों को राहत पहुंचाने के काम में जुट गए। पालोदा क्षेत्र के मेतवाला, आसोड़ा, कोटड़ा आदि ग्राम पंचायतों में सडक़ें खस्ताहाल हैं। आए दिन छोटे-बड़े हादसे होने के बावजूद विभाग और प्रशासन आंखें मूंदे हुए हैं और इसका खमियाजा आमजन, राहगीरों, यात्रियों व वाहनचालकों को भुगतना पड़ रहा है। पालोदा से मेतवाला तक की सडक़ पर सैकड़ों गड्ढे हो गए। नालियों और बरसात का पानी इन गडढें में भरने से दुपहिया वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं। बड़े वाहनों की गुजरते समय गड्ढ़ों में भरा पानी राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। मेतवाला तालाब की पाल से लेकर सीनियर स्कूल तक की सडक़ का नामोनिशान नहीं बचा है। पूरी सडक़ गड्ढ़ों में तब्दील हो गई।

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विचार ने लिया मूर्त रूप
सडक़ों पर पड़े गड्ढों से लोगों को परेशान देखकर स्थानीय बस स्टैंड पर गणेश युवा मंडल के युवाओं के मन में इस दिशा में पहल का विचार आया और सभी ने मिलकर अपने स्तर पर गड्ढ़ों को पत्थर व मिट्टी से भरना शुरू कर दिया। युवा पूरी ताकत से इस कार्य में जुटे हैंं, लेकिन उन्हें मलाल है कि न तो सार्वजनिक निर्माण विभाग और न ही पंचायत का कोई सहयोग मिल रहा है। इधर, ग्रामीणों ने प्रशासनिक उदासीनता के कारण आमजन को हो रही परेशानी को लेकर विभाग, पंचायत और जनप्रतिनिधियों के प्रति भी रोष व्यक्त किया है।