कृषि मंत्री की मौजूदगी में हुई बैठक, 8 मांगों पर सहमति

मेवाड़ किरण@नीमच -

नीमच. पहले ट्रॉसपोर्टरों की और इसके बाद व्यापारी संघ की हड़ताल के चलते कृषि उपज मंडी का व्यापार पिछले एक सप्ताह से नगण्य रहा है। इस समयावधि में मंडी में औसत सवा लाख बोरी उपज की औसत आवक होती। मंडी बंद रहने की वजह से करीब 24-25 करोड़ का व्यापार प्रभावित हुआ है।
हर जिंस की हो रही अच्छी आवक
कृषि उपज मंडी में ट्रॉसपोर्टरों की हड़ताल से पहले सभी जिंसों की अच्छी आवक हो रही थी। सोयाबीन, लहसुन, गेहूं आदि से मंडी पटी पड़ी थी। हजारों बोरी आवक रोज हो रही थी। नीमच मंडी में औसत प्रतिदिन 4 से 5 करोड़ का व्यापार होता है। पिछले एक सप्ताह में मंडी बंद रहने से औसत 24-25 करोड़ का व्यापार प्रभावित हुआ है। ट्रॉसपोर्ट हड़ताल से भी व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ है। माल उनके गोदामों में ही पड़ा रहा। माल समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंचने की वजह से नुकसान का प्रतिशत बढ़ा है। प्याज और लहसुन के व्यापारियों को नुकसान अधिक हुआ है।
मांगों पर बनी सहमति, खत्म हुई हड़ताल
इस बीच सोमवार को भोपाल में कृषि मंत्री की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश सकल अनाज दलहन तिलहन महासंघ के प्रतिनिधियों, प्रमुख सचिव प्रदेश शासन एवं प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड की उपस्थिति में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में 14 मांगों को रखा गया। इसमें से ८ मांगों पर सहमति बनी है। अनुज्ञा-पत्र की व्यवस्था को सरलीकृत करने, धारा 19(4) के दंडात्मक प्रावधान के संबंध में विश्लेषण या स्पष्टी जारी किए जाने, भूमि एवं संरचना आवंटन नियम 2009 के प्रावधानों का सरलीकरण करने, मंडी समितियों के गोदाम खाली रहने की स्थिति में अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों को किराए पर उपलब्ध कराने, ई-अनुज्ञा प्रणाली को एच्छिक करने, व्यक्तिगत एवं सामूहिक प्रतिभूमि के संबंध में स्पष्टीकरण जारी करने, व्यापारियों के समूह बीमा योजना के प्रारूप तैयार कर मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के समक्ष रखने तथा मंडी में व्यापार को सरल और सुगम बनाने के लिए एक प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड की अध्यक्षता में कमेटी बनाने पर सहमति बनी। कृषि मंत्री द्वारा जल्द ही इन मांगों पर अमल कराएंगे। इसके बाद व्यापारी महासंघ ने 27 जुलाई से चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को समाप्त कर दी।
14 में से 8 मांगों पर बनी सहमति
सोमवार को मध्यप्रदेश सकल अनाज दलहन तिलहन महासंघ के प्रतिनिधियों की भोपाल में प्रदेश के कृषि मंत्री एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में महासंघ की 14 सूत्रीय मांगों पर विचार विमर्श किया गया। इसमें से 8 मांगों पर सहमति बनी है। हड़ताल के चलते मंडी करीब 24-25 करोड़ का व्यापार प्रभावित हुआ है।
- राजेंद्र खंडेलवाल, सचिव व्यापारी संघ
राजस्थान से आए हैं किसान
सोमवार को भी मंडी में खरीदी बिक्री नहीं हुई। व्यापारियों की हड़ताल की पूर्व सूचना होने से जिले के किसान उपज लेकर नहीं आए। सोमवार को जो किसान उपज लेकर पहुंचे भी है तो वे राजस्थान के हैं। मंडी प्रशासन की ओर से उनके भोजन की व्यवस्था की गई है। मंगलवार से मंडी नियमित रूप से संचालित होगी।
- भगतसिंह चौहान, मंडी निरीक्षक