किसानों को कृषि विभाग ने दी सलाह, बेहतर बारिश के बाद ही करें बुआई

mewar kiran news

नीमच। जिले में जोरदार बारिश की दरकार है। उमस और तपन ने लोगों को बैचेन तथा बेकरार कर रखा है। इसे देखते हुए जिले के कि सानों से कृषि विभाग के अधिकारियों तथा कृषि वैज्ञानिक ने बोवनी के लिए अभी और इंतजार करने की सलाह दी है ताकि कि सान अधिक नुकसान से बच सकें ।

जिले में पूर्व मानसून और मानसून की पहली बारिश हो चुकी है, लेकि न अब तक जोरदार बारिश की दरकार है। जिले में अब तक लगभग 1 इंच बारिश हो चुकी है, लेकि न यह बारिश बोवनी के लिहाज से पर्याप्त नहीं मानी जा रही है। उमस और तपन के साथ गर्मी के तेवर बरकरार हैं। भूमि में भी नमी नहीं आई है। इसे देखते हुए कि सानों को कृषि विभाग ने धैर्य रखने की सलाह दी है।

कृषि विभाग के अधिकारियों की मानें तो इस बार खरीफ सीजन में जिले में 1 लाख 22 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में बोवनी होगी। इसके लिए कि सानों ने खेत तैयार कर लिए हैं। खाद-बीज का भंडारण भी हो चुका है, लेकि न कि सान पर्याप्त बारिश होने के बाद ही खेतों में बोवनी करें। अन्यथा बीजों के खराब होने का खतरा रहेगा। इस काम के लिए कृषि विभाग के अधिकारी और कृषि वैज्ञानिक गांव-गांव में कि सानों से संवाद कर रहे हैं। साथ ही कृषि विभाग का अन्य अमला भी ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय है।

कृषि विभाग की सलाह

– 3 से 4 इंच बारिश के बाद बोवनी करें।

– जमीन में 5 से 6 इंच नमी आने तक इंतजार करें।

– बोवनी के पूर्व बीजों को उपचारित करें।

– जरूरत के मुताबिक खाद व उर्वरक का उपयोग करें।

जल्दबाजी में यह नुकसान

– पर्याप्त नमी के अभाव में जमीन की गर्मी बीज खराब होंगे।

– बीजों का अंकु रण प्रभावित होगा। उत्पादन पर असर पड़ेगा।

– बीज, खाद और उर्वरक का खर्च बढ़ेगा।

– हंकाई-जुताई सहित अन्य खर्च में इजाफा होगा।

जब भूमि में 5 से 6 इंच तक नमी नहीं आए तब तक बोवनी नहीं करें। बेहतर बारिश के बाद ही बोवनी करें। साथ ही बोवनी के पूर्व बीजों को उपचारित कर लेवें। जरूरत पड़ने पर कृषि विभाग के अधिकारियों तथा कृषि वैज्ञानिकों से भी चर्चा करें।

-डॉ. सीपी पचौरी, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान कें द्र, नीमच

बारिश अभी असामान्य है, लेकि न अभी कि सानों को नुकसान नहीं है। सामान्य तौर पर जिले में 20 से 30 जून के बीच ही बोवनी होती है। जिले में विखंडित और असामान्य बारिश को देखते हुए कि सान बेहतर बारिश होने की दशा में बोवनी करें। न्यूनतम 3 से 4 इंच बारिश और जमीन में पर्याप्त नमी आने पर बोवनी करें। बारिश में देरी को देखते हुए खाद व उर्वरक का भंडारण कर लें ताकि बोवनी और फसल के दौरान असुविधा न हो।

-नगीनसिंह रावत, उप संचालक, कि सान कल्याण एवं कृषि विभाग भोपाल