किसने उडाया ऑयल डिपो के ऊपर ड्रोन


ड्रोन पर पुलिस कार्रवाई का जिले में संभवत: पहला मामला
चित्तौडग़ढ़. सीमा पर जासूसी करते पाकिस्तानी ड्रोन को सेना की ओर से उड़ाने की घटनाओं के बाद अब जिला स्तर पर भी पुलिस बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने के मामलों में सख्त हो गई है। ड्रोन उड़ाने का ऐसा ही एक मामला यहां इण्डियन ऑयल डिपो के परिधि क्षेत्र में सामने आया, जिसकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए शुभूपुरा थाना पुलिस ने ड्रोन जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
शंभूपुरा थाना पुलिस को गुरूवार को सूचना मिली कि इण्डियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड जालमपुरा परिसर के पास एक ड्रोन उड़ रहा है, जो तीन-चार बार ऑयल डिपो के परिधि क्षेत्र में आ चुका है। सूचना मिलते ही मामले की गंभीरता को समझते हुए चित्तौडग़ढ़ तहसीलदार, शंभूपुरा थाना प्रभारी प्रवीणसिंह, सदर थाना प्रभारी नवनीत व्यास मौके पर पहुंचे। भारत सरकार के उपक्रम इण्डियन ऑयल के सुरक्षा मानकों से मामला जुड़ा होने की आशंका को लेकर ड्रोन उड़ाने वालों की तलाश की गई तो इण्डियन ऑयल डिपो की सीमा के पास दो व्यक्तियों के पास एक ड्रोन सैट मिला। दोनों व्यक्तियों से थाने लाकर पूछताछ की गई तो एक ने खुद को इन्दौर जिले के लसुडिय़ा थानान्तर्गत देवासा नाका विजयनगर निवासी कृष्ण पुत्र पुरूषोत्तम लौहार तथा दूसरे ने स्वयं को मध्यप्रदेश के बुरहानपुर थानान्तर्गत नेपा नगर निवासी धीरज पुत्र मधुकर जाधव होना बताया।
आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि शंभूपुरा से चित्तौडग़ढ़ की तरफ रेलवे विभाग की रेल लाइन के सर्वे कार्य के लिए वे इण्डियन ऑयल डिपो के पास से ड्रोन उड़ाते हुए वे ड्रोन उड़ाते हुए शंभूपुरा से ओछड़ी पहुंचे थे। पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि ड्रोन उड़ाने की अनुमति उनके पास नहीं है। इण्डियन ऑयल डिपो महत्वपूर्ण संस्थान होने तथा इसके परिधि क्षेत्र में ड्रोन उड़ाना घातक होने से पुलिस ने डिपो के टर्मिनल अधिकारी खेमराज जांगिड़ की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने ड्रोन भी जब्त कर लिया। मामले में पुलिस अनुसंधान जारी है।
अनुमति बिना नहीं उड़ा सकते ड्रोन
विवाह समारोह हो या फिर कोई अन्य आयोजन, किसी भी जगह ड्रोन उड़ाने से पहले प्रशासन और पुलिस से इसकी अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना आपराधिक श्रेणी में आता है। लिखित अनुमति प्राप्त करने के बाद ही इसे निश्चित क्षेत्र में उड़ाया जा सकता है। गौरतलब है कि काफी समय पर चित्तौड़ दुर्ग पर भी ड्रोन उडऩे की बात सामने आई थी, लेकिन पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की सख्ती के बाद दुर्ग पर ड्रोन की उड़ान नहीं देखी गई।
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कार्रवाई के दिए आदेश
ड्रोन उड़ाने से पहले अनुमति लेने का प्रावधान है। इण्डियन ऑयल महत्वपूर्ण उपक्रम है। वहां ड्रोन उड़ाने की बात को गंभीर मानते हुए कार्रवाई के आदेश दिए गए।
विपिन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चित्तौडग़ढ
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रिपोर्ट भेज रहे है।
तीन-चारे टीमें काम कर रही है। वो लोग ड्रोन से सर्वे कर मुख्यालय को रिपोर्ट भेज रहे है। कल भी ड्रोन को लेकर सीआईडी का फोन आया था। इसके बाद जानकारी लेने पर पता चला कि इस तरह से ड्रोन उड़ाया जा रहा है। अब उनको पाबंद कर दिया गया है कि जब भी ड्रोन उड़ाएगे रेलवे प्रबंधन व पुलिस को सूचित करेंगे।
शिवलाल मीना, स्टेशन अधीक्षक, शंभूपुरा