काल्पनिक लाभ दिलवाने की मांग

अश्वनी प्रतापसिंह @ राजसमंद. पंचायती राज विभाग द्वारा की गई प्राथमिक शिक्षा विभाग की शिक्षक भर्ती 2012 एवं 2013 के संशोधित परिणाम में चयनित अभ्यर्थियों को काल्पनिक लाभ (नोशलन बेनीफिट) नहीं दिए जाने के मामले में मंगलवार को शिक्षकों ने कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में शिक्षकों ने लिखा कि 2012 एवं 2013 में चयनित अभ्यर्थियों के समान ही संशोधित परिणाम में चयनित अभ्यर्थियों को काल्पनिक लाभ देने के लिए अभ्यर्थियों ने राजस्थान हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाई कोर्ट ने अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला देते हुए संशोधित अभ्यर्थियों को नोशनल बेनीफिट देने का आदेश दिए। लेकिन शिक्षा विभाग ने अभी तक इन अभ्यर्थियों को लाभ नहीं दिया।

उपचार करवाने में चिकित्सा विभाग असमर्थ
राजसमंद. महेंद्र का उपचार करवाने में चिकित्सा विभाग असमर्थ है। अब उसे किसी भामाशाह का ही सहारा बचा है, जो उसकी पीड़ा को समझकर उसकी मदद करे। कीटवा बरजाल (भीम) निवासी १२ वर्ष के महेंद्र पुत्र तुलसासिंह रावत को जन्मजात टॉक्स नामक गंभीर बीमारी है, जिसका ऑपरेशन दिल्ली के एम्स अस्पताल में ही सम्भव है। गरीबी के चलते परिवार वाले उसका उपचार करवाने में असमर्थ है। वहीं चिकित्सा विभाग ने भी प्रदेश से बाहर उपचार होने के चलते हाथ खड़े कर दिए हैं। राजस्थान पत्रिका ने २२ व २३, २५ नवम्बर को उसकी खबरें प्रकाशित की। इस पर चिकित्सा विभाग ने आरबीएसके के तहत उसके उपचार की उम्मीद जताई और उच्चाधिकारियों से सम्पर्क किया लेकिन वहां उसे अब जवाब हो गया। गौरतलब है कि महेंद्र के हाथ-पैरों के जोड़ दर्द होते है, चल नहीं पाता, उंगलियों में सूजन रहती है, पेट दुखता है। चिकित्सकों को कहना है कि उसे टास्क नामक दिल की दुलर्भ बीमारी है। जिसका उपचार महज दिल्ली या देश के अन्य चुनिंदा संस्थानों में ही होता है।


प्रदेश के बाहर नहीं करवा सकते...
महेंद्र के उपचार के लिए हमने उच्चाधिकारियों से राय मांगी थी, उन्होंने कहा कि प्रदेश से बाहर हम आरबीएसके के तहत उपचार नहीं करवा सकते। डॉ. सुरेश मीणा, आरसीएचओ, राजसमंद