कहीं चिकित्सकों के रजिस्टर में साइन तक नहीं, कहीं बायोवेस्ट का नहीं हो रहा उठाव


अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश के निरीक्षण में सामने आई वस्तुस्थिति
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों व सब सेन्टरों पर पाई अनियमितताएं
प्रतापगढ़
लोगों के स्वास्थ्य के लिए जिले में संचालित चिकित्सालयों की हालत किस कदर तक खराब है। यह सामने आया है कि अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश लक्ष्मीकांत वैष्णव के आकस्मिक निरीक्षण में। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश लक्ष्मीकांत वैष्णव ने गुरुवार को तीन स्वास्थ्य केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। जिसमें कुलथाना व कुणी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, मोखमपुरा सब सेंटर का निरीक्षण किया गया। जिसमें कई अनियमितताएं सामने आई। इसे लेकर विभाग के उच्चाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए है।
ना तो सफाई और ना ही बायोवेस्ट का उठाव
निरीक्षण में कुलथाना प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की हालत खराब पाई गई। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केन्द्र पर साफ-सफाई का अभाव पाया गया। न्यायाधीश वैष्णव को मेल नर्स कैलाश मीणा ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर कोई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी या सफाई कर्मचारी नियुक्त नहीं है। जिस कारण समय पर साफ-सफाई का कार्य नहीं किया जा रहा है। उपस्थिति पंजिका का अवलोकन करने पर ए.एन.एम. रेखा परिहार के हस्ताक्षर नहीं मिले। बायोवेस्ट के लिए रखे गए कचरा पात्रों में गंदगी थी। कई दिनों का कचरा उसमें पाया गया। इससे सामने आया कि यहां बायोवेस्ट का वाहन भी नहीं आता है। जबकि बायोवेस्ट को यहां से लेकर जाने के लिए वर्ष में एक बार ठेका होता है। जिसमें निश्चित दिवस के बाद इसका उठाव के लिए वाहन आता है।
कुणी में अब तक नहीं बना लेबर रूम
कुणी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया गया। कुणी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर केवल मेल नर्स सुनील पासवान ही उपस्थित पाए गए। पासवान ने बताया कि डॉक्टर ललित पाटीदार को पी.एच.सी. पर नियुक्त किया गया है। पी.एच.सी. बने 4 माह होने के बाद भी लेबर रूम की स्थापना ही नहीं की गई है। उपस्थिति पंजिका में सामने आया कि डॉक्टर ललित पाटीदार 24 जुलाई से निरंतर उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर ही नहीं किए हैं।
मोखमपुरा स्वास्थ्य केन्द्र पर ताला
इसी क्रम में मोखमपुरा उप केन्द्र का भी निरीक्षण किया गया लेकिन उप केन्द्र पर ताला लगा होने से निरीक्षण का कार्य संभव नहीं हो पाया।

जिले में यह है स्थिति
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जिला चिकित्सालय समेत कुल २५१ स्वास्थ्य केन्द्र है। इनमें एक जिला चिकित्सालय, आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, ४१ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और २०३ सब सेंटर संचालित है।