कससे पूछकर कर रहे हो ट्रांसफर, कौन बना रहा आप पर दबाव



चित्तौडग़ढ़. विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार हुई जिला परिषद साधारण सभा की बैठक में राज्य की सत्ता में राजनीतिक बदलाव का असर साफ दिखा। जिला परिषद में बहुमत में होने के बावजूद राज्य में विपक्ष में आ गए भाजपा विधायक अधिकारियों पर काम नहीं करने का आरोप लगाते हुए बरसे तो सत्ताधारी कांग्रेस का कोई विधायक ही बैठक में नहीं आया। जिला प्र्रमुख लीला जााट की अध्यक्षता में हुई बैठक में चित्तौडग़ढ़ विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या ने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने विधानसभा चुनाव के बाद शिक्षा, चिकित्सा आदि विभागों में किए गए ट्रांसफर पर गहरी नाराजगी जताई और अधिकारियों से पूछा कि किससे पूछकर ऐसा किया जा रहा है और कौन दबाव बना रहा है तो कोई ठोस जवाब नहीं मिल पाया। इस पर आक्या ने कहा कि वे किसी का नाम नहीं लेना चाहते है लेकिन उनको पता है कि किसके कहने पर ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि नियमों के अनुरूप काम करे और किसी दबाव में नहीं आए अन्यथा विरोध किया जाएगा। आक्या ने कहा कि भाजपा किसी भी गलत कार्य को बर्दाश्त नहीं करेगी और जरूरत पड़ी तो धरना-प्रदर्शन के लिए भी तैयार है। आक्या ने जिले में विभिन्न विभागों द्वारा चलाए जा रहे निर्माण कार्य/स्वीकृतियां समय पर तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति जारी करने के लिए अधिकारियों को कहा। जनप्रतिनिधियों ने चिकित्सा एवं शिक्षा विभाग द्वारा अपने स्तर से की गई प्रतिनियुक्तियों को एक सप्ताह में निरस्त कर सदन को अवगत कराने के लिए कहा। बैठक में अतिरिक्त कलक्टर दीपेन्द्रसिंह राठौर, चन्द्रभान सिंह भाटी,अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी ज्ञानमल खटीक सहित विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी भी मौजूद थे। साधारण सभा की बैठक के बाद जिला आयोजना समिति की बैठक भी हुई।
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किससे पूछकर रोक रहे पैमेंट
बैठक में विधायक आक्या ने खनिज विभाग पर चर्चा के दौरान कुछ कार्यो का भुगतान रोकने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किससे पूछकर ऐसा किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि आगे से पैमेंट नहीं आ रहा तो उन्होंने कहा कि बताओ आगे किससे बात करनी है। बैठक में विधायक अर्जुनलाल जीनगर व ललित ओस्तवाल ने भी अधिकारियों को नसीहत दी कि वो नियमों के अनुरूप ही काम करे और किसी दबाव में आकर गलत फैसले नहीं करे। जनप्रतिनिधियों ने महिला बाल विकास विभाग द्वारा वितरित किये जाने वाले पोषाहार की गुणवत्ता एवं मात्रा का विशेष ध्यान रखने को कहा। विधायकों एवं जिला परिषद् सदस्यों ने खनिज विभाग के अधिकारियों को डीएमएफटी में प्राप्त प्रस्तावों के कार्य शुरू कराने के लिए कहा। जिला प्रमुख लीला जाट ने कहा कि परिषद ग्रामीण विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही है। बैठक में चित्तौडग़ढ़ पंचायत समिति प्रधान प्रवीणसिंह राठौड़ आदि ने भी विभिन्न मुद़्दों पर विचार रखे।
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सत्ता में होने पर भी नहीं आए कांग्रेस विधायक
राज्य में कांग्रेस की सरकार आने से जिला परिषद में भाजपा का बोर्ड बनने के बावजूद उम्मीद थी कि कांग्रेस विधायक इसमें शामिल होंगे लेकिन कोई नहीं आया। सहकारिता मंत्री व निम्बाहेड़ा विधायक उदयलाल आंजना व बेगूं विधायक राजेन्द्रसिंह विधुड़ी बैठक में शामिल नहीं हुए। जिला कलक्टर शिवांगी स्वर्णकार भी बैठक में शामिल नहीं हुई। ्र
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एक घंटा चलनी थी चली चार घंटे
जिला परिषद की बैठक के लिए प्रशासनिक स्तर पर एक घंटे का ही समय रखा गया था। मीडिया को बैठक के लिए जारी प्रेस नोट में समय दोपहर १२ बजे बताया गया था एवं एक बजे आयोजना समिति की बैठक बताई गई थी। जनप्रतिनिधियों के एक के बाद एक मुद्दें उठाने से बैठक करीब चार घंटा लंबा खींच गई।
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बैठ्रक से दिया राजनीतिक संदेश
जिला परिषद की इस बैठक को जिले में पांच में से तीन सीटो पर निर्वाचित भाजपा विधायकों का राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है। बैठक के माध्यम से अधिकारियों को संदेश दिया गया कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बावजूद अधिकारी उनकी अनदेखी नहीं करे।