कम खर्च में हो शादी, मृत्यु भोज बन्द हो

भीलवाड़ा/
कोरोना संक्रमण के दौर में विप्र समाज ने सच्ची सेवा कर हर गरीब तक भोजन पहुंचाने का काम किया। किसी को भूखे नहीं सोने दिया। समाज के सदस्यों ने कोरोना लॉकडाउन के दो माह के कार्यकाल में सेवा की अलख जगाते हुए समाज के गरीब तबके तक राहत पहुंचाने का कार्य किया है। समाज के कई उद्योगपतियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। लॉकडाउन के दौरान खास बात देखने को मिली कि समाज ने दोनों समय का भोजन पहुंचाने के साथ ही एक नई अलख जगाई कि मृत्यु भोज बंद होना चाहिए। कोरोना काल में जिस प्रकाश शादी समारोह हो रहे है उसी तरह कम खर्च में समारोह होने चाहिए। शादी के लिए कई बड़े परिवार नौकरी करने वाले युलक तलाश करते है। इससे स्वयं का रोजगार करने वाले के मन में आत्मग्लानि आती है कि मै भी नौकरी करता तो? इस विचार को बदलना होगा। समाज के प्रमुख लोगों का कहना है कि कई युवा ऐसे हैं जो नौकरी से भी कहीं ज्यादा स्वरोजगार से पैसा कमा रहे हैं। राजस्थान पत्रिका की ओर से नये भारत अभियान के तहत रविवार को वेबिनार का आयोजन किया गया। इसमें प्रमुख मुद्दे उभरकर सामने आए है।
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समाज ने जरूरत मंद लोगों के घर-घर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई है। इसके लिए समाज का हर नागरिक आग आया है। कोरोना में स्वयं की स्वयं को करनी होगी।
गोपाल शर्मा, जिलाध्यक्ष राजस्थान ब्राह्मण महासभा
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कोरोना को हरना के लिए २८ करोड़ जाप किए। देश में २८ लाक भोजन के पैकेट वितरित किए। भीलवाड़ा में २१ हजार परिवारों को भोजन के पैकेट दिए। ८ लाख मास्क देश में समाज ने बांटे। समाज में मृत्यु भोज को बन्द करना चाहिए।
कैलाश सुल्तानिया, जिलाध्यक्ष विप्र फाउंडेशन
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कोरोना में कम बजट में कार्यक्रम हो रहे है। ऐसा ही हर समाज को करना चाहिए। ब्राह्मण समाज मध्यमर्गिय समाज है इस बात को सभी को अनाना चाहिए। कोरोना ने यह संदेश भी सभी को दिया है।
सीमा गौड़, एसोसिएट प्रोफेसर, सेमुमा कन्या राजकीय महाविद्यालय
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राजस्थान खाद्यान्न योजना के तहत बीपीएल व गरीब लोगों को गेहूं, शक्कर देने का प्रावधान है। ग्रामीण इलाके में सक्षम लोगों को सामान मिल रहा है। गरीब व बीपीएल वंचित है। नए सिरे से सर्वे होना चाहिए। सक्षम को हटा कर गरीबो को जोडऩा होगा।
जगदीश शर्मा, जिलाध्यक्ष जिला दाधीच मंडल
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ब्राह्मण समाज मध्यम वर्ग का है। इसकी सीमित आय, लेकिन खर्च अधिक है। समाज के युवा को शिक्षित करना होगा। आय के स्त्रोत बढ़ाने होंगे। सरकार मध्यम वर्ग परिवारों के लिए योजना बनाए ताकि सभी को लाभ मिल सके।
बालकृष्ण पाराशर, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय पाराशर ब्राह्मण महासभा

कोरोना काल में समाज ने कई काम किए है। किसी को भूखा नहीं सोने दिया। काम धंधे बन्द है। सरकार को बिजली-पानी के बिल माफ करने चाहिए। ताकि आम जन को राहत मिल सके।
नंदलाल सुवाल, जिलाध्यक्ष अभा. गुर्जर गौड़ ब्राह्मण महासभा

ऑनलाइन अध्ययन व कोचिंग पर धन खर्च न करके आत्म निर्भर बनने के लिए स्वयं के काम धंधे पर राशि खर्च करनी होगी। सरकारी नौकरी पर आधिपत्य था वह समाप्त हो गया। चुनौतियों के साथ कई अवसर मिलते है उसको अपनाना होगा।
नीरज ओझा, राष्ट्रीय सचिव व प्रदेश महामंत्री अभा औदीच्य महासभा

समाज के लोगों ने लॉकडाउन की पूरी अवधि में प्रतिदिन सैकड़ों लोगों तक भोजन पहुंचाने का कार्य किया। यह काम सुबह जल्दी शुरू होता था, जो देर रात तक चलता था। सेवाभावी काम में सेवादार कभी नहीं थकेष यहां सभी उम्र व वर्ग के लोगों ने अपनी सेवाए दी है।
तेजमल शर्मा, अध्यक्ष वात्सल्य सेवा समिति

कोरोना के इस दौर में महंगाई काफी बढ़ी है। हर वस्तु बाजार में महंगी मिली। फिर भी हर जरूरतमंद तक खाद्य सामग्री पहुंचाने का काम किया। गरीब ब्राह्मण की रसोई में समान की कमी न आए इसका समाज ने ध्यान रखा है।
अमृता उपाध्याय, जिलाध्यक्ष महिला राजस्थान ब्राह्मण महासभा

कोरोना में महिलाओं ने हिम्मत नहीं हारी। इस दौरान कम बजट में भी रसोई को संभाले रखा। कम बजट में कैसे काम चल सकता है यह हमने कोरोना में सिखा है।
मानसी शर्मा, नगर अध्यक्ष विप्र फाउंडेशन

कोरोना में छात्रों को ऑनलाइन अध्ययन करवाया जा रहा है। इससे समाज सन्तुष्ठ नहीं है। क्योंकि इस दौरान बच्चों की आंखों पर जोर पड़ता है। वह ऑनलाइन क्लास के दौरान अन्य साइट खोलकर भी चलाते रहते है।
सीमा पारीक, जिला संयोजिका दुर्गा वाहिनी

शहर के हर मोहल्ले तक पहुंचकर सेवा कार्य करने का विप्र समाज ने प्रयास किया। इसमें युवा टीम सबसे आगे रही। समाज के भामाशाह युवाओं समेत सभी वर्गो का योगदान रहा। हर जरूरतमंद तक भोजन, सहायता सामग्री व दवाइया पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
मनोज शर्मा, युवा प्रदेशाध्यक्ष अभा. ब्राह्मण महासभा
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कोरोना संक्रमण के समय बहुत कुछ सीखने का मौका मिला। इस समय कई लोग ऐसे मिले जो वास्तव में गरीब नहीं लगते थे। लेकिन वह भीतर से टूट चुके थे। सहायता मांगने में असहज महसूस करते थे। हमें लोगों के नजदीक जाकर सेवा का मौका मिला।
योगेश शर्मा, नगर अध्यक्ष राजस्थान ब्राह्मण महासभा
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महामारी के इस दौर में कोरोना बीमारी ने दूरियां भी कम कर दी है। बीमारी के समय जहां एक और सभी लोग एक दूसरे से दूरिया बनाने में लगे थे. लेकिन सेवाभाव के इस कार्य में सभी लोग एक साथ आ गए। हम सभी को ऐसा समय गुजराना पडेगा ऐसा कभी नहीं सौचा।
दिलीप सारस्वत, युवा जिलाध्यक्ष सारस्वत ब्राह्मण समाज
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समाज के लोगों ने लॉकडाउन में एक ही संदेश दिया है कि भूखे को भोजन व प्यासे को पानी पिलाना है। समाज के लोग हर गरीब परिवार के घर पहुंचकर राहत प्रदान करने का कार्य किया है। सेवा भाव से प्रेरणा व मार्ग दर्शन समाज से ही मिलती है।
हेमेन्द्र शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजस्थान ब्राह्मण महासभा
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टेक्सटाइल उद्यमियों ने मार्च माह का भुगतान सभी श्रमिकों को कर दिया है। अप्रेल का भुगतान कर रहे है। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उद्योग बन्द पड़े है। देश में कहीं भी किसी की मांग नहीं है। सरकार को रागत पैकेज जारी करना चाहिए।
विजय शर्मा, अध्यक्ष आर्य समाज
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लॉकडाउन की शुरूआत में भोजन के कम पैकेट बनाने लगे। बाद में लोगों तक भोजन देने की मुहिम में हर लोग जुड़ते गए तो कारवां बनता गया। समाज के हर सदस्यने अपने स्तर पर सहयोग किया।
नंदकिशोर पारीक, जिला महामंत्री राजस्थान ब्राह्मण महासभा
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युवाओं को सरकारी नौकरी का मोह छोड़कर स्वयं का रोजगार शुरू करना चाहिए। ताकि १०-२० युवाओं को नौकरी दे सके। नौकरी में आरक्षण का लाभ नहीं मिलता। उसमें एक व्यक्ति को ही काम मिलता जबकि स्वरोजगार में कई लोगों को काम मिल सकता है।
कमल कुमार तिवारी, जिलाध्यक्ष मेवाड़ क्षेत्रीय गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज
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राजस्थान पत्रिका के अमृत्म-जलम् अभियान के माध्यम से तालाबों का पुर्नरूद्वार करना चाहिए। ताकि सिचाई व मत्स्यपालन को प्रोत्साहन मिल सके। कृषि से ही पलायन को रोका जा सकता है। भारत कृषि आधारित देश है।
नवीन कुमार शर्मा, जिलाध्यक्ष सर्व ब्राह्मण महासभा

लॉकडाउन में ऐसे परिवारों को चिन्हित करने का प्रयास किया जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर थी या जिनके पास राशन सामग्री उपलब्ध नहीं थी। समाज के माध्यम से ऐसे लोगों तक पहुंच कर उनको मदद की गई और कर रहे है।
नरेश पारीक, सचिव जिला पारीक परिषद
कोरोना महामारी के संकट के समय में समाज की नई पीढ़ी को सेवा भाव सीखने का मौका मिला है। इस समय युवाओं को देखना चाहिएकि समाज किस तरह इंसान एक दूसरे का काम आता है। रसोई में खाना बनाने में महिलाएए वृद्धजनों व युवाओं सभी ने कार्य किया।
मीना व्यास, राष्ट्रीय प्रभारी, अन्तरराष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा