कभी डरी सहमी सी रहने वाली बेटियों में भरा जोश व आत्मविश्वास

Intarnational girl child day- कभी डरी सहमी सी रहने वाली बेटियों में भरा जोश व आत्मविश्वास
- नगरपरिषद डूंगरपुर की कराटे क्लासेज बनी बालिका सशक्तिकरण की मिसाल
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर विशेष
डूंगरपुर.
बालिका सशक्तिकरण को लेकर दावे तो बहुत किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर उनकी क्रियान्विति नहीं हो पाती, लेकिन डूंगरपुर नगरपरिषद ने न केवल बालिकाओं में आत्मविश्वास जगाने के लिए प्रयास किए, अपितु उन्हें जायज मुकाम तक पहुंचाने के लिए भी हरसंभव मदद दी। नगरपरिषद की ओर से बेटियों के लिए शुरू की गई कराटे क्लासेज इसका जीवंत उदाहरण है। पिछले डेढ़ साल से चल रही इन नि:शुल्क क्लासेज में शहर की तकरीबन १५० बालिकाएं कराटे और जुडो के गूर सीख रही हैं। इनमें से ही कई बेटियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपने हूनर का प्रदर्शन कर खिताब भी जीते हैं।
सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत डूंगरपुर नगरपरिषद ने 7 अप्रेल २०१८ को लक्ष्मण मैदान स्थित डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी सामुदायिक भवन में शहर की बालिकाओं के लिए नि:शुल्क कराटे क्लासेज शुरू की। इसके लिए कराटे कोच तथा राष्ट्रीय खिलाड़ी विपिनसिंह की सेवाएं ली। शुरूआत में कुछ बच्चियों के साथ शुरू किया गया सफर धीरे-धीरे बढ़ता गया। वर्तमान में 150 बेटियां कराटे में सिद्ध हस्त हो रही हैं।
एक साथ 31 पदक जीत कर रचा था इतिहास
नगरपरिषद ने कराटे क्लासेज को सिर्फ प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखते हुए बेटियों को हूनर आजमाइश के लिए मंच भी उपलब्ध कराने के प्रयास किए। इसके तहत गत दिनों क्लास की 17 बालिकाओं ने आबू में हुई सिको काई ओपन स्टेट चैम्पियन शिप में हिस्सा लिया। इसमें एक साथ १० स्वर्ण, १४ रजत और सात कांस्य पदक सहित कुल 31 पदक जीत कर इतिहास रचा था। इसके बाद लाक्षी दर्जी ने राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व भी किया। इसके अलावा कराटे क्लास की बेटियों ने विद्यालयी खेलकूद स्पर्धाओं में भी जिला स्तर पर परचम लहराकर राज्य स्तर पर प्रतिनिधित्व किया।
ताकि सक्षम बनें बेटियां. .
डूंगरपुर में बेटियों के लिए कुछ नया करना चाहते थे। उनमें आत्मविश्वास जगाने तथा सुरक्षा की दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कराटे क्लासेज शुरू की गई। बेटियों में नया सीखने की उमंग और उत्साह का ही परिणाम है कि क्लासेज आज तक अनवरत हैं तथा बेटियों ने कई उपलब्धियां भी अर्जित की। इसके अलावा बेटियों के प्रोत्साहन के लिए शहर की 130 जरूरतमंद बेटियों को गोद लेकर उनकी शिक्षा के लिए जरूरी व्यवस्थाएं नगरपरिषद के माध्यम से की जा रही हैं। हाल ही बेटियों को समर्पित विशेष फलों का बगीचा भी विकसित किया गया है तथा उसे दीकरियो नी वाड़ी नाम दिया है। इसमें शहर की 500 से अधिक बेटियों की सहभागिता से वृक्षारोपण कराया गया है।
के.के.गुप्ता, सभापति, नगरपरिषद, डूंगरपुर