कपड़ा व्यापारियों को मिलेगी सौगात, मिलेगा सौ करोड़

भीलवाड़ा ।

वस्त्रनगरी के कपड़ा व्यापारियों का अटका करीब १०० करोड़ रुपए का जीएसटी के रिफंड का रास्ता साफ हो गया है। वित्त मंत्रालय के प्रमुख शासन सचिव उपेन्द्र गुप्ता ने सिंथेटिक वीविंग मिल्स एसोसिएशन के प्रतिनिनिधियों को ग रिफंड का आश्वासन दिया।


एसोसिएशन सचिव रमेश अग्रवाल व विधिक सलाहकार आशीष सिंघवी ने गुप्ता को बताया कि केन्द्र सरकार ने एक अगस्त से ही कपड़े पर बची क्रेडिट के रिफंड की घोषणा की, इसका फायदा किसी भी कपड़ा व्यापारी को नहीं मिल रहा है। एेसे में व्यापारियों ने अगस्त का रिफंड नहीं भरा, जो सौ करोड़ से अधिक हो गया है।


एसोसिएशन अध्यक्ष संजय पेडि़वाल ने बताया कि यार्न पर जीएसटी दर १२ प्रतिशत है, जबकि कपड़े पर ५ प्रतिशत होने से फेब्रिक निर्माताओं के पास एकत्र क्रेडिट रिफंड नहीं हो पा रही है। सरकार ने आदेश में कहा कि जुलाई २०१८ तक का बचा क्रेडिट अगस्त के क्रेडिट से लैप्स किया जाए। लैप्स करने से क्रेडिट नहीं बचती या बहुत कम राशि शेष रहती है।


ये रखी समस्याएं
- जीएसटी लैप्स होने से अगस्त 2018 में आइटीसी क्रेडिट की नेट राशि जीएसटी पोर्टल पर तकनीकी समस्या से नेगेटिव या बहुत कम हो जाती है। रिफंड गणना में आइटीसी लैप्स से पूर्व वाली राशि ली जाए।
- व्यापारियों ने अगस्त 2018 के जीएसटीआर 3 बी में जीएसटी को लैप्स नहीं किया। ऐसे में फार्म डीआरसी-३ के माध्यम से लैप्स करने की सुविधा मिले।
- जुलाई 2018 तक की एकत्र जीएसटी को लैप्स करने के लिए सीजीएसटी, एसजीएसटी व आइजीएसटी को साथ लेकर गणना हो।