ए भाई, तू भले ही मेरा सगा है ! मोबाइल अन्दर रख, डर लगता है इससे…

मोहम्मद इलियास/उदयपुर. चुनावी प्रचार व सभा के दौरान नेताओं के बड़बोलेपन के वीडियो वायरल होने से हुई किरकिरी के चलते अब नेताजी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे है। उनका अपनों पर से भी भरोसा उठ गया। अंदरुनी बातचीत के दौरान भी वे सभी कार्यकर्ताओं से मोबाइल स्विच ऑफ करवा कर अपना मुंह खोल रहे हैं। उदयपुर में ही आधा दर्जन से ज्यादा वीडियो वायरल होने से नेताजी को अब मोबाइल का खौफ सताने लगा है। नाथद्वारा से कांग्रेस प्रत्याशी सीपी जोशी के वीडियो पर तो राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को ट्वीट कर हिदायत देनी पड़ी, वहीं भाजपा ने तो इसे राजनीतिक मुद्दा बना दिया। खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी भाषणों में जनता के समक्ष बार-बार इसका जिक्र कर मतदाताओं को रिझा रहे हैं। खेरवाड़ा में भाजपा प्रत्याशी नानालाल अहारी को मतदाता को मुर्गा व बकरा बांटने का बयान महंगा पड़ गया। गुलाबचंद कटारिया के वल्लभनगर की सभा में बोल ने तो नई जंग छेड़ दी। उनका वीडियो वायरल होते ही जनता सेना के रणधीर सिंह भींडर व समाज के एक वर्ग ने कटारिया को जवाब देते हुए उन पर कई आरोप जड़ दिए। जनसम्पर्क के दौरान कटारिया द्वारा सेल्फी लेते कार्यकर्ता को धक्का देना एवं एक साक्षात्कार में एक लडक़ी के जिक्र वाला वीडियो वायरल होने पर सोश्यल मीडिया पर कई प्रतिक्रियाएं हुई हैं। इसी गिरिजा व्यास द्वारा जनसम्पर्क के दौरान एक युवक के हाथ पर हाथ मारने वाला वीडियो भी काफी चर्चा में रहा।

 

READ MORE : सचिन का तीखा प्रहार- 7 दिसंबर को भाजपा नेता अटैची लेकर होंगे रवाना, फिर बनेगी कांग्रेस की सरकार

 

किसे क्या झेलना पड़ा

सीपी जोशी- पीएम नरेन्द्र मोदी व उमा भारती की जाति पूछने पर हुआ था विवाद
कार्रवाई- चुनाव आयोग ने नोटिस थमाया। राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के कहने पर मांगनी पड़ी माफी।

गुलाबचंद कटारिया - कांग्रेस को वोट दे देना लेकिन अन्य जगह अपना वोट मत खराब करना ।
झेला विरोध- जनता सेना के रणधीर सिंह भींडर ने दिया जवाब, समाज का एक गुट भी हुआ नाराज।

गुलाबचंद कटारिया - मैं उस लडक़ी को पसंद करता हूं जो सामने रहती है, वो पसंद करे, न करे मैं उसकी गारंटी तो नहीं दे सकता।
किरकिरी- सोशल मीडिया पर काफी खटी-मीठी प्रतिक्रिया हुई।

गिरिजा व्यास- प्रचार के दौरान एक कार्यकर्ता को हाथ से मारते हुए दिखाया
झेला विरोध- वीडियो का अर्थ का अनर्थ निकालकर मारना बताते हुए प्रचारित किया गया।

नानालाल अहारी - हमें कई तरह रणनीति अपनानी पड़ेगी, मुर्गा देना पड़ेगा, बकरा चढऩा पडेग़ा ।
कार्रवाई- चुनाव आयोग ने
थमाया नोटिस, अहारी को भी विश्वास नहीं हुआ कि अंदरुनी बैठक में अपनों ने ही उनका वीडियो बना डाला।