एक एक नंबर के भुगतने होंगे मूल्यांकनकर्ता को 100-100 रुपए

मेवाड़ किरण@नीमच -

नीमच. बोर्ड परीक्षा में बच्चों को नंबर देने में लापरवाही करना मूल्यांकनकर्ता को भारी पड़ सकता है। वे एक नंबर की गड़बड़ी करेंगे तो १०० रुपए का फटका लगेगा, लेकिन इससे ज्यादा नंबरों की गड़बड़ी होगी, तो जितने नंबर कम होंगे, उसी अनुपात में अर्थदंड लगेगा। इसलिए परीक्षकों को बोर्ड परीक्षाओं की कापियांं जांचना लोहे के चने चबाने जैसा होगा, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही करने पर उन्हें लेने के देने पड़ सकते हैं।
बतादें की बोर्ड परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं की जांच २० मार्च से जिला मुख्यालय पर प्रारंभ होगी, जो ०५ मई तक चलेगी। यह जांच प्रतिदिन सुबह १०.३० बजे से शाम करीब ५ बजे तक चलेगी। जिसमें कक्षा १०वीं १२वीं की उत्तरपुस्तिकाओं की जांच जिले के करीब ३५०-४०० विषय विशेषज्ञों द्वारा की जाएगी। चूकि नीमच में अन्य जिले की कापियां जंचने के लिए आएगी। वहीं यह मामला गोपनीय रहता है इस कारण किस जिले की कापियां जंचने आएगी, यह तो जिम्मेदारों तक को ऐन वक्त तक नहीं पता होगा।
पहले ही दिन दिया जाएगा प्रशिक्षण
वैसे तो बोर्ड परीक्षाओं की कॉपी जांचने का काम सभी अनुभवी शिक्षकों द्वारा किया जाएगा। लेकिन फिर भी त्रुटि रहित मूल्यांकन हो, इस कारण मूल्यांकन शुरू होने के पहले दिन ही सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, कि किस प्रकार से वे संभावित गलतियों से बचते हुए मूल्यांकन करें। ताकि मूल्यांकन एकदम त्रुटि रहित हो।
हर नंबर के कटेंगे १०० रुपए
कापियां जांचने का काम मूल्यांकनकर्ता द्वारा किया जाएगा। जिसकी जांच उप मूल्यांकनकर्ता द्वारा भी की जाएगी, वहीं जीरो नंबर वाले विद्यार्थी या ९० या उससे अधिक नंबर लाने वाले विद्यार्थी की कापियां मुख्य मूल्यांकनकर्ता द्वारा भी जांची जाएगी। ताकि कापियां जांचने में किसी प्रकार की त्रुटि नहीं हो। वहीं कापियां जंचने के बाद अगर किसी विद्यार्थी द्वारा फिर से मूल्यांकन के लिए फार्म भरे जाने पर दोबारा कापियां जांचने में गड़बड़ी आई तो जितने कम नंबर परीक्षक द्वारा दिए गए हैं। प्रति एक नंबर पर १०० रुपए के मान से कटोती होगी। यानि किसी विद्यार्थी को १० नंबर कम दिए गए तो परीक्षक को १ हजार रुपए का फटका लगेगा, इतनी ही राशि उप परीक्षक और मुख्य परीक्षक को भी भुगतनी होगी। क्योंकि जिम्मेदारी सभी की रहेगी।
वर्जन.
बोर्ड परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं की जांच २० मार्च से प्रारंभ होकर ०५ मई तक चलेगी। जिसमें प्रथम दिन ही सभी परीक्षकों को त्रुटि रहित मूल्यांकन करने के लिए प्रेरित करते हुए बारिकियों पर ध्यान देने के लिए दिशा निर्देश दिए जाएंगे।
-केएल बामनिया, प्राचार्य, उत्कृष्ट विद्यालय नीमच
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