एएसपी, डिप्टी व एसएचओ को क्यों कर दिया एपीओ


चित्तौडग़ढ़. लोकसभा चुनाव में चित्तौडग़ढ़ संसदीय क्षेत्र से ६ अप्रेल को भाजपा प्रत्याशी सीपी जोशी के नामांकन के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी (डीआरओ) कक्ष में पांच से अधिक व्यक्तियों के प्रवेश से उत्पन्न विवाद में अब पुलिस अधिकारियों पर गाज गिरी है। इस मामले में चुनाव आयोग ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं उप अधीक्षक के खिलाफ कार्र्रवाई का आदेश दिया था। इस आदेश पर पुलिस महानिदेशक कपिल गर्ग ने कार्रवाई करते हुए सोमवार को चित्तौडग़ढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विपीन शर्मा, पुलिस उप अधीक्षक ऋषिकेश मीणा एवं कोतवाली थाना प्रभारी गजेन्द्रसिंह को पदस्थापन की प्रतीक्षा(एपीओ) में कर दिया। शर्मा एवं मीणा को जयपुर पुलिस मुख्यालय पर एवं गजेन्द्रसिंह को उदयपुर पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में सेवा देने का आदेश दिया गया है। मीणा के स्थान आरएसी जयपुर में पदस्थ अश्विनीकुमार अत्रे को चित्तौडग़ढ़ पुलिस उप अधीक्षक नियुक्त किया गया है। इसी तरह कोतवाली थाना प्रभारी के पद पर डूंगरपुर में अपराध सहायक शैलेन्द्रसिंह को लगाया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शर्र्मा के स्थान पर सुखदेव जांगिड़ को लगाने की चर्चा है हॉलाकि अभी पुष्टि नहीं हुई है। अधिकृत रूप से यहीं बताया गया कि एएसपी पद पर नई नियुक्ति के लिए तीन अधिकारियों के नाम का पैनल गृह विभाग को भेजा गया है। इधर, लोकसभा चुनाव प्रक्रिया जारी रहने के दौरान पुलिस महकमे में इस कार्रवाई से खलबली मच गई। अधिकारी इस मामले में खुलकर बोलने से कतराते रहे लेकिन माना जा रहा है कि नामांकन के समय कक्ष में भाजपा प्रत्याशी सहित पार्टी के पांच नेताओं व पदाधिकारियों से अधिक की मौजूदगी व उस पर जिला निर्वाचन अधिकारी शिवांगी स्वर्णकार के आपत्ति करने पर मावली विधायक धर्मनारायण जोशी व बेगूं के पूर्व विधायक सुरेश धाकड़ के तीखी तकरार करने को गंभीरता से लिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी कक्ष में पांच से अधिक भाजपा नेताओं के पहुंच जाने को पुलिस की लापरवाही माना गया।
जोशी व धाकड़ के खिलाफ पेश हो चुका इस्तगासा
भाजपा प्रत्याशी सीपी जोशी के नामांकन के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी (डीआरओ) कक्ष में पांच से अधिक व्यक्तियों के प्रवेश से उत्पन्न विवाद में कोतवाली थाना पुलिस ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चित्तौैडग़ढ़ कमल लोहिया की अदालत में एक इस्तगासा पेश किया है। इस्तगासे में मावली से भाजपा विधायक धर्मनारायण जोशी एवं बेगूं से भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश धाकड़ को राजकार्य में व्यवधान उत्पन्न करने का आरोप लगाते हुए भारतीय दण्ड संहिता की धारा १८६ के तहत आरोपी बनाया गया है। इस मामले में कोर्र्ट २० अप्रेल को सुनवाई करेगा। इस्तगासे के साथ इस मामले में सबूत के रूप में सीपी जोशी के नामांकन के समय जिला निर्वाचन अधिकारी कक्ष के सीसीटीवी फुटेज एवं अधिकारियों के बयान पेश किए गए है।
क्या हुआ था विवाद
भाजपा प्रत्याशी जोशी नामांकन के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी कक्ष में पहुंचे तो प्रत्याशी सहित संख्या पांच से अधिक होने पर निर्वाचन अधिकारी ने आपत्ति जताई एवं कहा कि प्रत्याशी सहित पांच व्यक्ति अंदर रहेंगे तो ही वे नामांकन स्वीकार करेंगी। इस पर पुलिस ने विधायक अर्जुनलाल जीनगर व जिला प्रमुख लीला जाट को बाहर निकाल दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से आवेश में आए मावली विधायक जोशी व धाकड़ के आवेश में आकर तीखी नोकझोंक व टिप्पणियां करने के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गए।