उद्यमिता विकास आर्थिक वृद्धि में करता है इंजन का काम

उदयपुर. एमपीयूएटी की संघटक इकाई समुदाय व व्यावहारिक विज्ञान महाविद्यालय में उद्यमिता विकास पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन शुक्रवार को पूर्व कुलपति उमाशंकर शर्मा ने किया। शर्मा ने कहा कि संस्थागत विकास परियोजना-आईडीपी के माध्यम से उद्यमिता विकास आर्थिक वृद्धि में एक इंजन का कार्य करता है, हमारे देश की जीडीपी का 40-50 फीसदी हिस्सा कृषि एवं कृषि सम्बन्धित उद्यमों से आता है। अत: युवाओं को कौशल विकास की आवश्यकता है, जिसके लिए हमें सैद्धान्तिक के साथ प्रायोगिक कार्यों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता हैं। राजस्थान कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. अरुनाभ जोशी ने कहा कि कृषि में उद्यमिता विकास की अपार संभावनाएं हैं। प्रौद्योगिकी एवं अभियान्त्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता अजय कुमार शर्मा ने बताया कि विशेष आमंत्रित वक्ता ईशा तिवारी कन्ट्री हैड, एन्ट्रप्रिन्योर फस्ट ने प्रबंन्धन के ५ प्रमुख सूत्रों की जानकारी दी। आमंत्रित वक्ता निखिल रसिवासिया, मैनेजर, अमेजॉन ने विद्यार्थियों को उद्यमिता विकास के गुर सिखाए। इस अवसर पर उद्यमिता विकास पर एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया। डॉ. शिल्पी मोहन, ट्रेनर एवं कॉंउसलर ने विद्यार्थियों को सफलता की छह कुंजियों की जानकारी दी। आयोजन सचिव प्रो. धृति सोलंकी ने कहा कि युवाओं मे कौशल विकास के माध्यम से उद्यमिता विकास होना चाहिए। अंत में प्रो. नीता लोढ़ा, कार्यक्रम समन्वयक ने धन्यवाद ज्ञापित किया।